Riyan Parag Fined: राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर BCCI ने मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। पराग के एक मैच की फीस लगभग 1 करोड़ रुपए होती है। मतलब उनपर 25 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
Riyan Parag IPL 2026 Match Fees: आईपीएल 2026 के 40वें मुकाबले में पंजाब किंग्स की जीत का सिलसिला टूट गया। राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें सीजन की पहली हार दी। लेकिन इस जीत के बावजूद राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग बुरी तरह फंस गए। ड्रेसिंग रूम में वह स्मोकिंग करते नजर आए, जिसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन पर भारी जुर्माना लगा दिया और साथ ही एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया है।
पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए इस मुकाबले में पंजाब किंग्स को हार का सामना करना पड़ा। मुल्लापुर में खेले गए इस मैच में पंजाब किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 222 रन बनाए। 223 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने 4 गेंद शेष रहते 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। पंजाब किंग्स की यह सीजन की पहली हार रही, जबकि राजस्थान रॉयल्स ने अपनी छठी जीत दर्ज कर अंक तालिका में चौथे स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इसके साथ ही टीम प्लेऑफ के करीब पहुंच गई है।
हालांकि, इसी मैच के दौरान रियान पराग से एक बड़ी गलती हो गई। वह ड्रेसिंग रूम में स्मोकिंग करते पकड़े गए, जिसके बाद बीसीसीआई ने उन पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया और एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया।
दिलचस्प बात यह है कि यह जुर्माना रियान पराग नहीं, बल्कि राजस्थान रॉयल्स भरेगी। दरअसल, आईपीएल की सभी फ्रेंचाइजी अपने खिलाड़ियों पर लगे जुर्माने का भुगतान खुद करती हैं, ताकि खिलाड़ियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। यही वजह है कि मैच फीस का 25% जुर्माना रियान पराग की सैलरी से नहीं काटा जाएगा। आईपीएल 2026 में रियान पराग की एक मैच फीस करीब 1 करोड़ रुपये है। ऐसे में 25% जुर्माना करीब 25 लाख रुपये बनता है, जिसे राजस्थान रॉयल्स को भरना पड़ेगा।
BCCI के बयान में यह भी कहा गया है कि आरआर पर सख्त एक्शन लिया जा सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड गलती करने वाली टीम, उसके अधिकारियों और खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के लिए दूसरे विकल्प भी देख रहा है ताकि आईपीएल की प्रतिष्ठा बनी रहे। आईपीएल के आर्टिकल 2.21 का मकसद ऐसे सभी तरह के कामों को देखना है जिनसे खेल की बदनामी होती है।
भारतीय कानून के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध एक्ट 2019 के तहत वेपिंग या ई-सिगरेट का इस्तेमाल गैर-कानूनी है। यह एक्ट भारत में ई-सिगरेट और वेप्स के उत्पादन, बिक्री, खरीद, आयात, निर्यात और विज्ञापन पर रोक लगाता है। किसी भी उल्लंघन पर जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।