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रोल्फ वान डर मर्व: कभी दक्षिण अफ्रीका को वर्ल्ड कप जिताने का था सपना, आज उसी को हराने में निभाई अहम भूमिका

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी रोल्फ वान डर मर्व ने नीदरलैंड के लिए कहलते हुए प्रोटीज़ की लंका ढा दी। कभी दक्षिण अफ्रीका को वर्ल्ड कप जिताने का सपना देखने वाले वान डर मर्व ने इस उलटफेर में नीदरलैंड के लिए अहम भूमिका निभाई।
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roelof van der merwe South Africa vs Netherlands, World Cup 2023: 'घर का भेदी लंका ढाए' यह कहावत अपने बड़े बुजुर्गों के मुंह से कई बार सुनी होगी। यह ताना किसी को तब मारा जाता है जब कोई अपना ही विरोध में जाकर अपने खिलाफ जंग करे। जैसे रामायण में प्रभु श्री राम का साथ रावण के भाई विभीषण ने दिया था और श्री राम को बताया था की रावण का वध कैसे होगा।

कुछ ऐसा ही दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड के बीच खेले गए वर्ल्ड कप 2023 के 15वे मुक़ाबले में हुआ। इस मैच में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी रोल्फ वान डर मर्व ने नीदरलैंड के लिए कहलते हुए प्रोटीज़ की लंका ढा दी। कभी दक्षिण अफ्रीका को वर्ल्ड कप जिताने का सपना देखने वाले वान डर मर्व ने इस उलटफेर में नीदरलैंड के लिए अहम भूमिका निभाई।

वान डेर मर्व का जन्म दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ही हुआ था। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में घरेलू क्रिकेट खेलते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एंट्री की। वह दक्षिण अफ्रीका के लिए अंडर-19 क्रिकेट खेले और फिर वह 'दक्षिण अफ्रीका-ए' टीम का हिस्सा भी रहे। साल 2009 में उऩ्होंने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। प्रोटियाज के लिए वह साल 2009 से लेकर 2015 तक खूब क्रिकेट खेले लेकिन लगातार मौके न मिल पाने के कारण इस बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर ने अपनी टीम का साथ छोड़ नीदरलैंड्स की राह पकड़ ली।

वान डेर मर्व ने एक बार इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि उन्हें 2011 वर्ल्ड कप के लिए नहीं चुना गया था। तब उन्हें बहुत बुरा लगा था। इसके बाद उन्हें दक्षिण अफ्रीकी टीम में ज्यादा मौके नहीं मिले। इसलिए उन्होंने नीदरलैंड्स शिफ्ट होने का फैसला किया। वान डेर मर्व ने कहा, 'जाहिर है, मेरी मां डच हैं। हॉलैंड के लिए खेलने की मेरी इच्छा यहीं से उत्पन्न होती है। स्विच करने का निर्णय मेरे लिए आसान नहीं था। लेकिन अफ्रीकी टीम में मौके भी नहीं मिल रहे थ। उस समय, यह मेरे परिवार के लिए यह सबसे अच्छा निर्णय था।'

वान डेर मर्व ने जून 2010 में दक्षिण अफ्रीका के लिए अपना आखिरी गेम खेला था। साल 2015 में इस खिलाड़ी ने नीदरलैंड्स के लिए डेब्यू किया। तब से लेकर अब तक वह इस डच टीम की स्क्वाड का अहम हिस्सा हैं। अफ्रीका के खिलाफ इस ऐतिहासिक मैच में रोल्फ वान डर मर्व ने 9 ओवर में मात्र 34 रन देकर दो विकेट झटके थे।

Published on:
18 Oct 2023 01:04 pm