
Gautam Gambhir BCCI Sandeep Patil: बीसीसीआई के पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसे जानकर क्रिकेट फैंस हैरान रह जाएंगे। पाटिल का कहना है कि भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और मौजूदा कोच गौतम गंभीर उनसे लंबे समय से नाराज हैं। यह नाराजगी तब शुरू हुई जब गंभीर को टीम इंडिया से ड्रॉप (बाहर) किया गया था, और तब से लेकर आज तक उन्होंने पाटिल से बात करना तो दूर, उनकी तरफ देखा तक नहीं है। बता दें कि धवन के आने से गंभीर को खेलने के मौके मिलना बंद हो गए थे।
संदीप पाटिल ने बताया कि जब वह चयन समिति के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गजों पर कड़े फैसले लिए थे। पाटिल के मुताबिक सचिन, युवराज और सहवाग आज भी उनसे बहुत गर्मजोशी से मिलते हैं और मैसेज का जवाब देते हैं। लेकिन गंभीर अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं जो अभी तक उस बात को नहीं भुला पाए हैं।
जब गंभीर को टीम से बाहर किया गया था, तब शिखर धवन को मौका मिला था और उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही 187 रन ठोक दिए थे। उसके बाद रोहित और शिखर की जोड़ी जम गई और गंभीर नजरअंदाज होते रहे। फिर आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते रहे और बाद में दिल्ली कैपिटल्स में लौटे और आखिरकार 2018 में उन्होंने संन्यास ले लिया।
पाटिल ने एक शो के दौरान कहा, 'जब आप चयनकर्ता की कुर्सी पर होते हैं, तो आपको दोस्ती नहीं, बल्कि टीम का हित देखना पड़ता है। सचिन को मैं तब से जानता हूं जब वह 14 साल के थे। युवराज और सहवाग भी मुझसे अच्छी तरह बात करते हैं, लेकिन गंभीर नहीं। वह मुझसे नाराज हैं, और यह ठीक भी है। जब मुझे टीम से निकाला गया था, तब मैं भी चयनकर्ताओं से नाराज हुआ था।'
संदीप पाटिल ने एक दिलचस्प किस्सा सुनाते हुए कहा कि वह कई बार टीवी शो के दौरान गंभीर के साथ एक ही कमरे में रहे, लेकिन गंभीर ने उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। पाटिल ने बताया, 'हम कई शो पर साथ आए, एक ही कमरे में बैठे, लेकिन गौतम ने मेरी तरफ देखा भी नहीं। हर बार जब मैंने आगे बढ़कर उन्हें 'Hi' कहा, तो उन्होंने कभी जवाब नहीं दिया। एक बार भी मेरी तरफ नहीं देखा।'
पाटिल ने याद किया कि टीम से बाहर होने से पहले गंभीर और उनके बीच बहुत अच्छे संबंध थे। वे दौरों पर साथ में टेनिस खेला करते थे। पाटिल ने कहा, 'जब मुझे कोच के पद से हटाया गया था, तब गौती मुझे हर दो हफ्ते में फोन करते थे। वह अपने करियर को लेकर बहुत चिंता में थे और कोई भी खिलाड़ी उस समय ड्रॉप नहीं होना चाहता जब वह अच्छा कर रहा हो।'