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CJP Protest: ‘ये पेपर लीक का मुद्दा नहीं’, संजय मांजरेकर ने प्रदर्शनकारियों के सपोर्ट में कहा- कुछ बहुत गलत हो रहा

Sanjay Manjrekar Reacts on CJP Protest: संजय मांजरेकर ने X पर एक के बाद एक दो पोस्ट किए और देश के युवाओं के साथ अपना समर्थन दिखाया।
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Jul 24, 2026
Sanjay Manjrekar on CJP Protest
संजय मांजरेकर (फोटो- IANS)

Sanjay Manjrekar on CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बीच पेपर लीक के मुद्दे पर संजय मांजरेकर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अधिकारियों पर सवाल उठाया है और साथ ही सरकार से अपील की है कि वो समाधान के लिए तत्काल और सार्थक कदम उठाए। मांजरेकर से पहले सचिन तेंदुलकर, इरफान पठान और शिखर धवन ने भी देश के युवाओं के लिए एकजुटता दिखाई है।

भारत के लिए 100 से ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाले संजय मांजरेकर ने शुक्रवार को दो पोस्ट किए और देश के युवाओं के साथ अपना समर्थन दिखाया। उन्होंने कहा कि छात्रों का विरोध यह दिखाता है कि कुछ बहुत गलत हो रहा है। शुक्रवार को सुबह X पर मांजरेकर ने पहली बार लिखा, "मैं भारत के युवाओं के साथ खड़ा हूं। उन्हें दबाएं नहीं, उन्हें उड़ान भरने दें। वे भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।"

इसके कुछ देर बाद उन्होंने फिर पोस्ट किया और इस बार लिखा, "यह सिर्फ़ NEET पेपर लीक का मुद्दा नहीं है। यह लोकतंत्र में आमतौर पर दबा हुआ महसूस करने और ब्रेनवाशिंग के खिलाफ़ एक विद्रोह है। दो बच्चों के पिता होने के नाते, मैं अच्छी तरह जानता हूं। आज के युवाओं को दबाना और उनका ब्रेनवाश करना कभी काम नहीं आएगा।"

इन क्रिकेटर्स ने भी किया पोस्ट

पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने लिखा, "हर छात्र बेहतर भविष्य के लिए सालों तक कड़ी मेहनत करता है और इस दौरान उनके परिवार भी कई तरह के त्याग करते हैं। किसी भी पेपर लीक की वजह से उनकी यह उम्मीद कभी नहीं टूटनी चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारा देश और संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक छात्र को बराबरी का मौका मिले। मुझे यह भी उम्मीद है कि ऐसा दोबारा कभी न हो, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।"

सचिन तेंदुलकर ने लिखा, "मेरे पिता एक प्रोफेसर थे। वे कई युवा छात्रों के लिए एक मार्गदर्शक और सलाहकार थे। उन्होंने मुझे शुरू से ही एक बात सिखाई थी, असफलता ठीक है, लेकिन कभी चीटिंग नहीं करना। कभी भी शॉर्टकट न अपनाएं। समाज में बड़े होने के नाते, हमारी जिम्मेदारी है कि हम संस्कृति को सही दिशा दें। जो समाज मेहनत के बजाय नतीजों को ज्यादा अहमियत देता है, वह काबिलियत के बजाय शॉर्टकट को चुनता है। आज, जब छात्र निराश महसूस करते हैं कि उनकी कड़ी मेहनत का उन्हें फल नहीं मिला, तो उनकी निराशा समझ में आती है। हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें दोबारा ऐसा महसूस न हो।"

पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने लिखा, "हमारे युवा देश का भविष्य हैं। उनके सपनों को समझना जरूरी है, लेकिन साथ ही मुश्किल समय में धैर्य बनाए रखना और देश की संस्थाओं और सरकार पर भरोसा रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मेरा मानना ​​है कि धैर्य से ही हर चुनौती का समाधान निकलता है। भारत हमेशा आगे बढ़ा है और आगे भी तरक्की करता रहेगा।"