दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच रयान टेन डेशकाटे ने संकेत दिए हैं कि टीम की लगातार ओपनिंग नाकामी के बीच विस्फोटक बल्लेबाज संजू सैमसन को फिर से प्लेइंग 11 में मौका दिया जा सकता है।
Sanju Samson, T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप का 43वां मुक़ाबला भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत को 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारतीय टीम का 2022 टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड से मिली हार के बाद से चला आ रहा विजय क्रम टूट गया।
हार की बड़ी वजह भारतीय टीम की खराब बल्लेबाजी थी। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा, खब्बू बल्लेबाज तिलक वर्मा और कप्तान सूर्यकुमार यादव एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। टीम ने पावरप्ले में तीन विकेट खो दिये और इस दवाब से वह उभर नहीं पाई और मात्र 111 रन पर ढेर हो गई।
इस हार के बाद भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच रयान टेन डेशकाटे ने संकेत दिए हैं कि टीम की लगातार ओपनिंग नाकामी के बीच विस्फोटक बल्लेबाज संजू सैमसन को फिर से प्लेइंग 11 में मौका दिया जा सकता है। टूर्नामेंट में भारत की बल्लेबाज़ी लगातार दबाव में रही है। अभिषेक शर्मा चार पारियों में तीन बार डक पर आउट हुए हैं, जबकि तिलक वर्मा भी बड़ी पारी खेलने में असफल रहे हैं। ऑफ स्पिन के खिलाफ शुरुआती ओवरों में विकेट गिरना भारत की सबसे बड़ी समस्या बन गया है। पिछले तीन मुकाबलों में टीम ने पहले ही ओवर में विकेट गंवाया है, जिससे हर बार स्कोर 0/1 या 2/1 जैसी स्थिति में पहुंच गया।
टेन डेशकाटे ने पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि टीम संयोजन पर गंभीर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि क्या टीम उन्हीं खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखे जो पिछले 18 महीनों में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं, या फिर बदलाव कर सैमसन को मौका दिया जाए, जो दाएं हाथ के बल्लेबाज़ होने के कारण टॉप ऑर्डर में संतुलन दे सकते हैं।
सैमसन ने नामीबिया के खिलाफ 8 गेंदों में 22 रन की तेज पारी खेली थी, लेकिन 2025 से ओपनिंग रोल में उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा है। 12 पारियों में 13 के औसत से उन्होंने 156 रन बनाए हैं। इस दौरान वे सिर्फ दो बार पावरप्ले पार कर पाए हैं।
भारत को अगला मुकाबला 26 फरवरी को चेन्नई में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलना है। सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार रखने के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी है।
वहीं इसके बाद 1 मार्च को वेस्टइंडीज से आखिरी सुपर 8 मुक़ाबला खेलेगा। इन दोनों मैचों को न सिर्फ जीतना होगा, बल्कि बड़े अंतर से जीतकर नेट रन रेट में भी सुधार करना होगा। अगर टीम बड़े मार्जिन से जीत दर्ज कर पाती है और अन्य परिणाम उसके पक्ष में जाते हैं, तो सेमीफाइनल की राह अभी भी संभव है।