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वीरू का विस्फोटक बयान: अगर सेंचुरियन में खामोश रहा कोहली का बल्ला तो खुद को टीम से बाहर करें विराट

सेंचुरियन टेस्ट के लिए कप्तान कोहली के टीम चयन पर सुनील गावस्कर के बाद वीरेंद्र सहवाग ने भी आपत्ति जताई है।
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Updated: 14 Jan 2018, 12:09 AM IST
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नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका और भारत के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज को भारतीय कप्तान कोहली का भी अग्निपरीक्षा कहा गया था। अब तक कप्तान कोहली इस परीक्षा में फेल ही नजर आए हैं। पहले टेस्ट में जहां भारतीय टीम को जीत के करीब जा कर मात खानी पड़ी, वहीं दूसरे टेस्ट के लिए चुनी गई टीम से कई पूर्व खिलाड़ियों को निराशा हुई है। दूसरे टेस्ट मैच के लिए हुए टीम चयन पर विवाद अब और बढ़ता ही जा रहा है। पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर के बाद अब सहवाग ने भी कोहली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिए है। अपने बेबाक बोल के लिए मशहूर वीरू का साफ कहना है कि यदि कोहली दूसरे टेस्ट में फेल रहते हैं, तब उन्हें खुद को टीम से बाहर कर देना चाहिए।

क्या कहा सहवाग ने
समाचार एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक सहवाग ने कहा कि शिखर धवन को महज एक टेस्ट में विफल होने के बाद और भुवनेश्वर को बिना किसी कारण के बाहर करने के विराट कोहली के फैसले को देखते हुए अगर वह सेंचुरियन में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें तीसरे टेस्ट की अंतिम एकादश से खुद को बाहर कर लेना चाहिए।

भुवी को बाहर करना गलत
सहवाग ने आगे कहा कि भुवनेश्वर को बाहर करने का फैसला ठीक नहीं था। इशांत शर्मा को भले ही अपनी लंबाई से फायदा मिल सकता है, लेकिन पिछले मैच में बेहतर प्रदर्शन करने वाले भुवी को इस तरह से बाहर करना सही नहीं है। कोहली का यह फैसला भुवनेश्वर के आत्मविश्वास को गिराएगा। वीरू का कहना है कि कोहली को किसी अन्य गेंदबाज के बदले इशांत को खिलाना चाहिए था।

गावस्कर ने भी जताई थी आपत्ति
वीरू से पहले टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कोहली के फैसले पर आपत्ति जताई थी। गावस्कर का कहना था कि मेरा मानना है कि शिखर धवन को बलि का बकरा बनाया गया है। उसके सिर पर हमेशा तलवार लटकी रहती है। बस एक खराब पारी के बाद उसे टीम से बाहर कर दिया जाता है। गावस्कर ने कहा कि यह मेरी समझ से परे है कि ईशांत को भुवनेश्वर की जगह क्यो चुना गया। ईशांत टीम में शमी या बुमराह की जगह ले सकता था, लेकिन भुवनेश्वर को बाहर रखना समझ से बाहर है।

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