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इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने बढ़ाई शाकिब अल हसन की मुश्किलें, गेंदबाजी एक्शन की होगी जांच

काउंटी चैंपियनशिप में सरे के लिए खेलने के दौरान अंपायर्स की ओर से शाकिब अल हसन के गेंदबाजी एक्शन को लेकर रिपोर्ट दी गई है। ECB ने शाकिब अल हसन से अपने गेंदबाजी एक्शन की जांच करवाने के लिए कहा है।

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Shakib Al Hasan suspect bowling action: बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक तरह जहां उनका क्रिकेट करियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधर में लटका हुआ है। वहीं अब इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने इस 37 वर्षीय बल्लेबाज की मुश्किलें बढ़ा दी है। दरअसल,काउंटी चैंपियनशिप में सरे के लिए खेलने के दौरान अंपायर्स की ओर से शाकिब के गेंदबाजी एक्शन को लेकर रिपोर्ट दी गई है। ECB ने शाकिब अल हसन से अपने गेंदबाज़ी एक्शन की जांच करवाने के लिए कहा है।

सितंबर में टॉन्टन में समरसेट के ख़िलाफ ख़िताबी मुक़ाबले में शाकिब ने 9 विकेट चटकाए थे। 2010-11 के बाद शाकिब पहली बार काउंटी चैंपियनशिप में खेल रहे थे। इंग्लैंड के आठ खिलाड़ियों के राष्ट्रीय ड्यूटी पर होने के चलते, विल जैक्स और डैन लॉरेंस जैसे दो प्रमुख स्पिनरों की अनुपस्थिति में शाकिब ने सरे के साथ कम समय का करार किया था।

हालांकि शाकिब समरसेट को 111 रनों से जीत हासिल करने से नहीं रोक सके और सरे लगातार अपना तीसरा चैंपियनशिप खिताब जीतने में सफल नहीं हो पाया। उस मैच में शाकिब ने 63 ओवर से अधिक की गेंदबाजी की थी, लेकिन एक बार भी उनकी गेंदबाजी के दौरान थ्रो करने का हवाला देकर किसी गेंद को नो बॉल करार नहीं दिया गया था। अब यह बात निकलकर सामने आई है कि ऑनफील्ड अंपायर्स ने उनके गेंदबाज़ी एक्शन को संदिग्ध पाया था। उन्हें खेलने से रोका नहीं गया है, लेकिन पता चला है कि शाकिब के एक्शन की जांच कराने के लिए बातचीत चल रही है। ऐसी संभावना है कि यह अगले कुछ सप्ताह में हो जाएगा।

शाकिब के दो दशक लंबे करियर में यह पहली बार है जब उनका गेंदबाजी एक्शन किसी तरह की जांच का विषय बना है। इस दौरान शाकिब ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 447 मैचों 712 विकेट लिए हैं, जिसमें 71 टेस्ट में 246 विकेट शामिल हैं।

शाकिब का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इस समय अधर में लटका हुआ है। सुरक्षा कारणों के चलते उन्होंने पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट दल से अपना नाम वापस ले लिया था। वह अवामी लीग के नेतृत्व वाली सरकार में सांसद भी रह चुके हैं, जो जुलाई में छात्र आंदोलन के कारण गिर गई थी।

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