
Sourav Ganguly - सौरव गांगुली, ऐसे क्रिकेटर जिसने टीम इंडिया को लड़ना और जीतना सिखाया। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों में आक्रामक सोच विकसित की। सौरव गांगुली ने कई युवाओं को भी अवसर दिया जिनके जबर्दस्त प्रदर्शन की बदौलत देश लगातार जीतता रहा। वे भारत के सबसे सफल क्रिकेट कप्तानों में शुमार हो गए और बाद में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष भी बने। सौरव गांगुली आज अपना बर्थडे मना रहे हैं। इस खास मौके पर हम आपको उनके उस विवाद के बारे में बता रहे हैं जिसने भारतीय क्रिकेट में जबर्दस्त उथल-पुथल मचा दी थी। सौरव गांगुली के तत्कालीन कोच ग्रेग चैपल से मतभेद हो गए। इसका खामियाजा उन्हें कप्तानी छिनने और टीम से बाहर होने के रूप में भुगतना पड़ा। खास बात यह है कि सौरव गांगुली की राय पर ही ग्रेग चैपल को टीम इंडिया का कोच बनाया गया था। उनका यह फैसला केरियर के लिए सबसे घातक साबित हुआ।
भारतीय क्रिकेट इतिहास में 2005-06 का दौर सौरव गांगुली और कोच ग्रेग चैपल के बीच विवाद के लिए ही जाना जाता है। टीम इंडिया के सबसे सफल कोच रहे जॉन राइट का कार्यकाल समाप्त होने के पहले जब नए कोच की तलाश शुरू हुई तो ग्रेग चैपल का नाम सामने आया। तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली के जोर देने पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने भी उनके नाम पर मुहर लगा दी। ऐसा लगने लगा कि कोच और कप्तान की यह जुगलबंदी भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी पर हुआ इसके उलट।
ग्रेग चैपल को टीम इंडिया का कोच बनाने के 3 माह के अंदर ही कप्तान सौरव गांगुली से उनके मतभेद शुरू हो गए। कोच और कप्तान, टीम को अपने अपने अनुसार चलाना चाहते थे जिसकी वजह से दोनों में विवाद होने लगे। कोच ग्रेग चैपल ने सौरव गांगुली से कप्तानी छोड़ने और केवल बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। इससे वे बिफरा उठे।
जिम्बाब्वे टूर में ग्रेप चैपल और सौरव गांगुली का मनमुटाव इतना बढ़ गया कि मामला BCCI तक पहुंच गया। कोच ने कप्तान की बाकायदा शिकायत करते हुए एक ईमेल भेजा। ग्रेग चैपल की इस शिकायत पर BCCI ने भी एक्शन ले लिया। सौरव गांगुली को हटाकर राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया का कप्तान बना दिया गया।
ग्रेग चैपल ने बीसीसीआई को भेजे मेल में न केवल गांगुली की कप्तानी और उनके रवैए पर गंभीर सवाल उठाए बल्कि उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए अयोग्य भी बताया। इसका परिणाम यह हुआ कि नवंबर 2005 में गांगुली से कप्तानी छीन कर बाद में उन्हें टीम से ही बाहर कर दिया गया।
हालांकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड के इस फैसले से देशभर में आक्रोश फैल गया था। सौरव गांगुली के गृह राज्य पश्चिम बंगाल में तो फैंस उग्र हो उठे थे और कोच के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किए। 2007 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ग्रेग चैपल को अपने पद से हटना पड़ा। इसके बाद सौरव गांगुली को भारतीय टीम में दोबारा शामिल किया गया।