
Sunil Gavaskar on Team India failure in UK: यूके में मौजूदा विश्व चैंपियन भारतीय टीम सात मैचों में से एक भी नहीं जीत सकी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में आयरलैंड ने 2-0 और इंग्लैंड ने 4-0 से क्लीन स्वीप किया। इतना ही नहीं शुभमन गिल की अगुवाई भी कुछ ऐसा ही हश्र हुआ, क्योंकि वनडे सीरीज भी मेहमान टीम 1-2 से हार गई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पहले ही साफ कर चुका है कि वह हार का रिव्यू करेगा। इस रिव्यू से पहले भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए गेंदबाजों और बल्लेबाजों के साथ पूरी टीम पर निशाना साधा है।
गावस्कर ने स्पोर्टस्टार के लिए अपने कॉलम में लिखा कि टीम को आगे बहुत मेहनत करनी है। कमियां क्या रहीं और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है? इस विषय पर ईमानदारी से सोच-विचार करना आज की जरूरत है। शॉट सिलेक्शन बहुत इंपॉर्टेंट है और यहां बल्लेबाजों को अपने ईगो पर कंट्रोल रखना होगा। किसी इमेज के हिसाब से जीने की कोशिश नहीं करनी है, बल्कि गेंद को उसकी मेरिट्स के हिसाब से खेलने की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि सबसे जरूरी स्मार्ट क्रिकेट खेलना है। इसलिए उस गेंदबाज का पता लगाएं जिस पर काउंटर-अटैक करने की कोई आवश्यकता नहीं है। फिर उन गेंदबाजों को टारगेट करें, जिनके खिलाफ आप बेहतर भरपाई कर सकते हैं।
गावस्कर ने हेड कोच गौतम गंभीर को भी सलाह दी। उन्होंने लिखा कि सबसे जरूरी बात, यह है कि अगर कोई प्लेयर औसत फील्डर है, तो उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए। कप्तान के पास तीन या चार प्लेयर्स को छिपाने का कोई तरीका नहीं होता, यह उम्मीद करते हुए कि बॉल उनके पास कहीं नहीं जाएगी। उन्होंने आत्मनिरीक्षण की भी बात कही और लिखा कि जवाबदेही होनी चाहिए और बीच में एग्जीक्यूशन पर ज्यादा जोर देने की जरूरत है।
वहीं, उन्होंने गेंदबाजों को लेकर लिखा कि बॉलर्स को भी एक बार फिर स्लो बाउंसर को देखना चाहिए और देखना चाहिए कि सैम करन ने कितनी चालाकी से स्लो, लूपी डिलीवरी का इस्तेमाल किया। जैसा कि मैंने कहा कि अभी इमरजेंसी बटन दबाने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि, ईमानदारी से खुद को समझने की बहुत जरूरत है। अगर टीम इंडिया को जीत की राह पर वापस जाना है, तो हर किसी की स्पेशलिटी को लागू करने पर भी बहुत ज्यादा सोचना होगा।