Shivam Dube Undercover: वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद स्टार क्रिकेटर शिवम दुबे को फ्लाइट नहीं मिली, तो उन्हें छुपकर इस सवारी में सफर करना पड़ा। उन्हें डर था कि कहीं लोग उन्हें पहचान न ले। जानें शिवम दुबे के इस रोमांचक और फिल्मी सफर की कहानी...
T20 World Cup 2026, Shivam Dube in Public: T20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत का जश्न अभी थमा भी नहीं था कि टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर शिवम दुबे ने कुछ ऐसा किया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। अहमदाबाद में फाइनल जीतने के बाद दुबे को मुंबई पहुंचना था, लेकिन वहां जाने का जो तरीका उन्होंने चुना, वो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
शिवम दुबे ने मीडिया को बताया, 'अहमदाबाद से मुंबई के लिए कोई फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी। हम सड़क मार्ग से भी जा सकते थे, लेकिन ट्रेन ज्यादा तेज थी। इसलिए मैंने, मेरी पत्नी और एक दोस्त ने सुबह-सुबह ट्रेन से जाने का फैसला किया।' हैरानी की बात यह है कि वर्ल्ड चैंपियन खिलाड़ी ने किसी लग्जरी कोच में नहीं, बल्कि 3rd AC में टिकट बुक की। दुबे ने बताया कि परिवार और दोस्त इस बात को लेकर डरे हुए थे कि अगर स्टेशन या ट्रेन में किसी ने पहचान लिया तो क्या होगा?
दुबे ने खुद को छिपाने के लिए पूरा बंदोबस्त किया था। उन्होंने कैप पहनी, चेहरे पर मास्क लगाया और फुल-स्लीव टी-शर्ट पहनी। ट्रेन सुबह 5:10 की थी, उन्हें लगा कि प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम होगी। लेकिन वहां अभी भी कई फैंस इंडिया की जर्सी पहने मौजूद थे। दुबे ने बताया, 'मैंने अपनी पत्नी से कहा कि मैं ट्रेन छूटने के सिर्फ 5 मिनट पहले तक कार में ही रहूंगा और आखिरी वक्त पर दौड़कर कोच में चढूंगा।'
ट्रेन के अंदर दुबे चुपचाप अपनी टॉप बर्थ (ऊपर वाली सीट) पर चढ़ गए। जब टिकट चेकर (TC) आया, तो एक दिलचस्प वाकया हुआ। TC ने नाम पढ़कर पूछा, 'शिवम दुबे? वो कौन है, क्रिकेटर?' दुबे की पत्नी अंजुम ने बिना घबराए तुरंत कहा, 'नहीं, नहीं। वो यहां कहां से आएगा?' और TC आगे बढ़ गया। यह दुबे के लिए एक बड़ा क्लोज कॉल था।
दुबे 8 घंटे के सफर में ऊपर की सीट पर ही दुबके रहे। उन्होंने बताया, 'ट्रेन का सफर तो ठीक रहा, लेकिन मुझे डर था कि दिन के उजाले में बोरीवली स्टेशन पर उतरते वक्त लोग पहचान लेंगे।' आखिरकार उन्होंने पुलिस को फोन किया। पुलिस वाले भी यह जानकर हैरान रह गए कि इतना बड़ा खिलाड़ी ट्रेन से सफर कर रहा है, उन्हें लगा था कि वो एयरपोर्ट पर उतरेंगे। पुलिस की सुरक्षा के बीच दुबे सुरक्षित बाहर निकल सके।
इस पूरे ड्रामे के बीच यह नहीं भूलना चाहिए कि दुबे ने मैदान पर भी कमाल किया था। कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्या ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी थी, उन्होंने उसे बखूबी निभाया। उन्होंने 5 पारियों में कुल 235 रन बनाए। साथ ही वो 39 के औसत और 169 की तूफानी स्ट्राइक रेट से खेले। फाइनल मैच में सिर्फ 8 गेंदों में 26 रनों की अहम पारी खेली। और पूरे टूर्नामेंट में 17 छक्के और 15 चौके जड़े। दुबे ने कहा, 'मुझसे बस इतना कहा गया था कि जब मैं बैटिंग करूं तो रन रेट कम नहीं होना चाहिए और बॉलिंग में रनों पर लगाम कसनी है।'