T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया की बादशाहत पर सवाल उठाने वाले शोएब अख्तर, नासिर हुसैन और एथरटन को दिनेश कार्तिक ने करारा जवाब दिया है। जानें क्यों कार्तिक ने विदेशी दिग्गजों को फॉसिल्स कहा और कैसे पाकिस्तान का उदाहरण देकर उनकी बोलती बंद की...
Dinesh Karthik fires back at Nasser Hussain, Atherton and Shoaib Akhtar: अहमदाबाद में न्यूजीलैंड को 96 रनों से रौंदकर तीसरी बार T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम की गूंज पूरी दुनिया में है। क्रिकेट जगत ने मान लिया है कि टीम इंडिया ही व्हाइट बॉल क्रिकेट की असली बादशाह है। मगर इस ऐतिहासिक जीत के बाद कुछ दिग्गजों के बयानों में प्रशंसा से ज्यादा खीझ नजर आई। नासिर हुसैन, शोएब अख्तर और माइकल एथरटन का मानना है कि भारत की जीत अब मामूली बात है, क्योंकि टक्कर की टीमें ही कम बची हैं। लेकिन, दिग्गज दिनेश कार्तिक ने इन बयानों पर जो पलटवार किया, जिसने महफिल लूट ली है।
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने अपने ही अंदाज में चुटकी लेते हुए भारत की जीत को एकतरफा बताया। अख्तर ने कहा, 'भारत की हालत उस अमीर बच्चे जैसी है जो मोहल्ले के गरीब बच्चों को बुलाता है कि 'आओ क्रिकेट खेलें', लेकिन जीतना सिर्फ उसने ही है। आज के दौर में सिर्फ 4 टीमें प्रतिस्पर्धी बची हैं और भारत उन्हें स्कूल के बच्चों की तरह हराकर ट्रॉफी उठा लेता है।' हालांकि, उन्होंने बाद में भारत के घरेलू सिस्टम और मेरिट पर खिलाड़ियों के चयन की तारीफ भी की।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तानों ने भारत के दबदबे को एकतरफा बताया। नासिर हुसैन ने कहा कि भारत का फॉर्मूला अब सबको पता है। इसमें ऐसे पावरफुल हिटर जो पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दें और फिर बुमराह जैसा जीनियस, जो छोटे स्कोर को भी बचा ले। एथरटन ने कहा कि पिछले 32 मैचों में से 30 जीतना यह बताता है कि भारत इस वक्त क्रिकेट की सबसे बड़ी और इकलौती सुपरपावर है।
इन दिग्गजों की बातों का जवाब भारतीय विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने बड़े ही बेबाक अंदाज में दिया। कार्तिक ने नासिर हुसैन और एथरटन को फॉसिल्स (पुराने जमाने का) कहते हुए उनकी बोलती बंद कर दी। कार्तिक ने याद दिलाया कि पिछले साल जब भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी, तब इन्हीं दिग्गजों ने कहा था कि भारत को एक ही वेन्यू (दुबई) पर खेलने और यात्रा न करने का अनुचित फायदा मिला। कार्तिक ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, 'इस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान भी तो लगातार एक ही जगह (कोलंबो) रुका था, एक ही होटल में रहा और उन्हीं पिचों को जानता था, फिर वो कुछ क्यों नहीं कर पाए? साफ है कि जीत सिर्फ हालात से नहीं, बल्कि असली स्किल से मिलती है जो पाकिस्तान के पास नहीं थी।'
इस विवाद और जीत के बीच कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भविष्य का प्लान साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत का अगला निशाना 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में 'गोल्ड मेडल' जीतना है, ताकि दुनिया में भारत की बादशाहत पर कोई सवाल न उठा सके।