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BCCI का बड़ा एक्‍शन, टी20 वर्ल्ड कप में भी मंगेतर या पत्नियां साथ नहीं रख सकेंगे खिलाड़ी

BCCI ने T20 वर्ल्ड कप के दौरान बड़ा एक्‍शन लेते हुए खिलाड़ियों के मंगेतर, पत्नियां और परिजनों को साथ रखने पर रोक लगा दी है। एक रिपोर्ट में कन्फर्म किया गया कि टीम पूरे टूर्नामेंट में एक प्राइवेट चार्टर पर ट्रैवल करेगी। खिलाड़ियों के साथ उनके पर्सनल शेफ हैं, लेकिन उनके लिए सबसे पास के होटल में बुक किए हैं, जहां से वे खाना बनाकर भेज सकते हैं।

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Feb 10, 2026
भारतीय टीम। (फोटो सोर्स: IANS)

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान खिलाड़ियों को उनके परिवार के साथ रखने पर रोक लगा दी है। बीसीसीआई ने उसी पॉलिसी को अपनाने का फैसला किया है, जो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर अपनाई गई थी। एक रिपोर्ट की मानें तो मौजूदा टीम मैनेजमेंट ने पुष्टि के लिए बीसीसीआई से संपर्क किया, लेकिन बोर्ड ने मना कर दिया। ऑफिशियल पॉलिसी के मुताबिक, खिलाड़ियों को अभी अपने परिवार के साथ अधिकतम 14 दिनों तक रहने की इजाजत है, बशर्ते बाहर का टूर 45 दिनों से ज्‍यादा का हो।

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भारत का जीत से आगाज

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने अपने अभियान का आगाज 7 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में यूएसए के खिलाफ जीत से किया है। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारतीय टीम ग्रुप-स्टेज के तीन मैच और खेलेगी, जिसमें एक मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ होगा। डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने वर्ल्ड कप से पहले कुछ द्विपक्षीय सीरीज खेली थीं, जिनमें भी परिवारों को साथ रहने की इजाजत नहीं थी।

परिवार खिलाड़ियों के साथ नहीं रहेंगे

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से कन्फर्म किया गया है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट ने बोर्ड से पूछा था कि क्या पत्नियां और मंगेतर टीम के साथ ट्रैवल कर सकती हैं और क्या वे भी उनके साथ रह सकती हैं? इस पर बोर्ड ने साफ किया है कि परिवार खिलाड़ियों के साथ नहीं रहेंगे। अगर वे चाहें तो अलग से इंतजाम कर सकते हैं।

रिपोर्ट में ये भी पुष्टि की गई है कि टीम पूरे टूर्नामेंट में एक प्राइवेट चार्टर से ट्रैवल करेगी। खिलाड़ियों के पर्सनल शेफ उनके साथ हैं, लेकिन उनके लिए सबसे पास के होटल बुक किए गए हैं, जहां वे खाना बनाकर भेज सकते हैं।

बीजीटी की हार के बाद सब कुछ बदल गया

कोविड की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों को अपने परिवार को बाहर के टूर के दौरान अपने साथ रखने की इजाजत थी। लेकिन, बॉर्डर-गावस्‍कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया से हार के बाद सब कुछ बदल गया, क्‍योंकि सपोर्ट स्टाफ ने रिपोर्ट दी थी कि कुछ खिलाड़ी टीम की इंटरनल मीटिंग और प्लानिंग सेशन के लिए उपलब्‍ध नहीं थे। वह इसके बजाय अपने पार्टनर या बच्चों के साथ थे।

इसके बाद बीसीसीआई ने जनवरी 2025 में यह घोषणा की कि अगर कोई टूर 45 दिन या उससे ज्‍यादा लंबा होता है तो खिलाड़ियों को अपने परिवार को 14 दिनों से ज्‍यादा अपने साथ रखने की इजाजत नहीं होगी। इसके साथ ही सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले प्‍लेयर्स को नेशनल टीम के सेलेक्शन की दौड़ में बने रहने के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना भी अनिवार्य कर दिया गया।

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