ENGLAND vs INDIA: भारत और इंग्लैंड की टीमें एंडरसन तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का आखिरी मुकाबला द ओवल में खेला जाएगा, जहां टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर की पिच क्यूरेटर से बहस हो गई।
31 जुलाई से भारतीय टीम द ओवल में एंडरसन तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का आखिरी मुकाबला खेलने उतरेगी। टीम इंडिया आज लंदन पहुंची और हेड कोच गौतम गंभीर के साथ कुछ खिलाड़ी पिच का मुआयना करने पहुंच गए। इसी दौरान टीम इंडिया के हेड कोच और केनिंग्टन ओवल की पिच को तैयार करने वाले पिच क्यूरेटर की बीच बहस हो गई। दोनों की बीच बहस की वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई। पिच क्यूरेटर ने सफाई दी की मैं सबको खुश नहीं कर सकता। हालांकि पूरा मामला क्या था, ये किसी को पता नहीं था। हालांकि बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बल्लेबाजी कोच ने पूरा किस्सा सुना डाला।
टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने उस घटका का पूरा हाल सुनाया। उन्होंने कहा, 'जब हम पिच को देखने गए थे तो उन्होंने एक व्यक्ति को भेजा और उससे कहलवाया कि हमें पिच से 2.5 मीटर की दूरी बनाकर रखना चाहिए। यह थोड़ा हैरान करने वाला था। हम सिर्फ रबर वाले जूते पहने हुए थे। स्थिति थोड़ी अजीब हो गई थी। हमें पता है कि क्यूरेटर अपने स्क्वायर और मैदान को सुरक्षित रखना चाहते हैं।
कोटक ने आगे कहा, 'पिच क्यूरेटर ने हेड कोच गौतम गंभीर के बारे में जो कुछ भी कहा, वह उनकी राय है और मैं उस पर कोई बात नहीं करना चाहता। रबर वाले जूते पहनकर विकेट को देखने में कोई बुराई नहीं है। क्यूरेटर को यह समझना होगा कि वे जिन लोगों से बात कर रहे हैं वे बेहद कुशल और बुद्धिमान लोग हैं। जब आप बेहद कुशल और बुद्धिमान लोगों के साथ काम कर रहे हों, तो आप अपना व्यवहार बदल सकते हैं। आखिरकार, यह एक क्रिकेट पिच है, यह कोई पुरानी चीज नहीं है जिसे आप छू नहीं सकते क्योंकि यह 200 साल पुरानी है और टूट जाएगी।"