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दो महीने मेहनत कर रणजी जीतने वाली टीम को मिलती है इतनी प्राइज़ मनी, BCCI अकेले शुभमन गिल को देता है इससे ज्यादा रुपये

करीब दो महीने तक चलने वाले इस टूर्नामेंट को जीतने वाली टीम को BCCI पांच करोड़ रुपये देता है। वहीं उप-विजेता को तीन करोड़ रुपये मिलेंगे।

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Feb 28, 2026
जम्मू-कश्मीर ने जीता पहला रणजी ट्रॉफी का खिताब (फोटो- IANS)

Ranji Trophy 2025-26 Prize Money: जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। 67 साल में जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी का खिताब अपने नाम किया है। फाइनल मुक़ाबले में टीम ने आठ बाद की चैम्पियन कर्नाटक को उसके घरेलू मैदान पर पछाड़ते हुए खिताब अपने नाम किया है। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम की सफलता पर पूरे यूटी में जश्न का माहौल है।

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BCCI ने दिये इतने करोड़ रुपये

करीब दो महीने तक चलने वाले इस टूर्नामेंट को जीतने वाली टीम को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पांच करोड़ रुपये देता है। वहीं उप-विजेता को तीन करोड़ रुपये मिलेंगे। यह प्राइज़ मनी बीसीसीआई के सेंट्रल कांट्रैक्ट के ए प्लस कैटेगरी में मिलने वाली फीस से भी कम है। ए प्लस कैटेगरी के खिलाड़ियों को बोर्ड सालाना सात करोड़ रुपये देता है। इस कैटेगरी में टेस्ट और वनडे के कप्तान शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा हैं।

उमर अब्दुल्ला ने भी दिये दी -दो करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम की इस सफलता पर खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए 2 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है। उन्होंने कहा, "इस ऐतिहासिक जीत ने पूरे इलाके को गर्व और प्रेरणा से भर दिया है। खिलाड़ियों को हाल ही में शानदार खिलाड़ियों के लिए नोटिफाई किए गए नियमों के तहत सरकारी नियुक्तियों का भी हक होगा।"

मुख्यमंत्री ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो भी पोस्ट की है जिसमें जीत के बाद रणजी टीम के खिलाड़ी जश्न मना रहे हैं। उमर अब्दुल्ला जीत की पल का साक्षी बनने के लिए स्टेडियम में उपस्थित रहे। एलजी मनोज सिन्हा के कार्यालय के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने उनके हवाले से लिखा, "जम्मू-कश्मीर का सबसे अच्छा समय आ गया है। जब मैं हमारी क्रिकेट टीम को रणजी ट्रॉफी जीतते हुए देख रहा हूं, तो मेरी भावनाएं शब्दों से परे हैं। हर उस जबरदस्त खिलाड़ी को जिसने अपनी हिम्मत से इतिहास रचा, पूरे यूटी की तरफ से गर्व से धन्यवाद। आपने इतिहास को अमर कर दिया है। इसे सम्मान के साथ अपनाएं।"

जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम की यह जीत बेहद अहम है। कर्नाटक जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उसके होम ग्राउंड पर खेलना और जीतना कभी भी किसी विपक्षी टीम के लिए आसान नहीं रहा है, लेकिन पूरे सीजन में बिल्कुल अलग और बेखौफ अंदाज में खेलने वाली जम्मू-कश्मीर ने इसे संभव बना दिया। जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक पर पहली पारी में बड़ी बढ़त ली थी और उसी आधार पर टीम को चैंपियन घोषित किया गया।

मैच का हाल

मैच की बात करें तो हुबली के डी.आर. बेंद्रे क्रिकेट स्टेडियम में जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए शुभम पुंडिर के 121, यावेर हसन खान के 88, साहिल लोतरा के 72, कन्हैया वधावन के 70, और कप्तान पारस डोगरा के 70 रन की बदौलत जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन बनाए थे।

इसके जवाब में कर्नाटक की पहली पारी 293 रन पर सिमट गई थी। जम्मू-कश्मीर को पहली पारी के आधार पर 291 रन की बढ़त मिली जो निर्णायक साबित हुई। जम्मू-कश्मीर ने पांचवें दिन के दूसरे सेशन में अपनी दूसरी पारी 4 विकेट पर 342 रन बनाकर घोषित की। इसके बाद मैच को ड्रॉ घोषित किया गया और पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर को चैंपियन चुना गया।

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