
India A vs Sri Lanka A Final: ट्राई नेशन ए सीरीज के फाइनल मुकाबले में श्रीलंका ए का सामना भारत ए से होगा। इस मुकाबले में एक बार फिर सबकी नजरें वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) पर रहने वाली हैं, जो अब तक इस सीरीज में सिर्फ 117 रन बना पाए हैं। सूर्यवंशी की श्रीलंका ए के खिलाफ पिछले मुकाबले में मैदान पर झड़प हो गई थी। जिसके बाद श्रीलंका ए के कप्तान सहन अराच्चिगे (Sahan Arachchige) ने बताया है कि मैदान पर झड़प क्यों हुई थी और कोई भी श्रीलंकाई खिलाड़ी सूर्यवंशी को टारगेट नहीं कर रहा है।
ट्राई नेशन ए सीरीज के चौथे मुकाबले में जब श्रीलंका और भारत की टीमें आमने-सामने हुई थीं, तब मैच टाई हो गया था और बाद में सुपर ओवर में श्रीलंका ए ने जीत हासिल कर ली थी। सुपर ओवर में 17 रन चेज़ न कर पाने के बाद जब सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे वापस लौट रहे थे, तब कथित तौर पर कहा गया कि श्रीलंकाई खिलाड़ी हलाम्बागे लगातार सूर्यवंशी को ताने मार रहे थे।
एक रिपोर्ट में तो यह भी कहा गया कि हलाम्बागे ने 15 साल के स्टार बल्लेबाज से यहां तक कह दिया था कि, "घर जाओ, यह IPL नहीं है।" हालांकि, खिताबी मुकाबले से पहले श्रीलंका 'A' के कप्तान सहन अराच्चिगे ने सूर्यवंशी को निशाना बनाने की बात से इनकार किया और कहा कि पिछली बार जो कुछ भी हुआ, वह जोश में हुआ था। उन्होंने कहा, "खिलाड़ी किसी को या किसी चीज़ को निशाना नहीं बना रहे हैं। वे बस खेल का मज़ा ले रहे हैं। सुपर ओवर जैसे करीबी मैच में भावनाएं बाहर आ ही जाती हैं। यह सामान्य बात है। इस टीम में कई अनुभवी खिलाड़ी हैं। वे जानते हैं कि क्या करना है और कैसे खेलना है।"
बता दें कि उस मुकाबले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ, जिसमें वैभव सूर्यवंशी की श्रीलंकाई खिलाड़ियों से बहस हो रही है और बाद में मामला इतना बढ़ जाता है कि सूर्यवंशी हलाम्बागे को धक्का दे देते हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कुछ एक्सपर्ट्स सूर्यवंशी को सपोर्ट करते नजर आए, तो कुछ लोगों ने उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी। टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर वह मैनेजर या कोच होते, तो सूर्यवंशी को सबक सिखाने के लिए अगले मैच से बाहर कर देते।