
नई दिल्ली। आईसीसी अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप में भारत की टीम क्वार्टरफाइनल में पहुंच गई है। मंगलवार को भारतीय टीम का मुकाबला पापुला न्यू गिनी से था। इस मैच को 10 विकेट से जीत कर भारत आसानी के अगले दौर में पहुंचने में सफल रहा। मैच में पापुआ न्यू गिनी की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी। लेकिन भारतीय गेंदबाज अनुकूल रॉय की घातक गेंदबाजी के सामने पीएनजी के बल्लेबाज बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रहे। पीएनजी की पूरी टीम मात्र 64 रन ही जोड़ सकी। जिसे भारतीय टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए आसानी से हासिल कर लिया। टूर्नामेंट में यह भारत की लगातार दूसरी जीत थी। जिसके बाद टीम इंडिया क्वार्टरफाइनल में पहुंचने में सफल रही।
अनुकुल रॉय ने पांच बल्लेबाजों को किया आउट
मैच में भारत की ओर से अनुकुल रॉय ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट चटकाए। रॉय की घातक गेंदबाजी के सामने पापुआ न्यू गिनी टीम केवल 64 रनों पर सिमट गई। विपक्षी टीम के सिर्फ तीन गेंदबाज दहाई के आंकड़े को पार कर सके। बता दें कि टॉस जीतकर भारतीय कप्तान ने विपक्षी टीम को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया था। पारी के तीसरे ओवर में ही भारत को पहली सफलता मिल गई। तेज गेंदबाज शिवम मावी के ओवर की पांचवीं गेंद पर इगो महुरु एलबीडबल्यू आउट होकर पवेलियन लौट गए। नए बल्लेबाज हगी तुआ भी सातवें ओवर में मावी के शिकार बने और शून्य के स्कोर पर बोल्ड आउट हुए। अगली गेंद पर बल्लेबाजों के बीच तालमेल में गड़बड़ी का फायदा उठाकर कमलेश नागरकोटि ने साइमन अटै को रन आउट किया।
लगातार गिरते गए विकेट
टीम इंडिया ने 26 के स्कोर पर पीएनजी टीम के 3 विकेट गिरा दिए थे। यहां से ओविया सैम ने पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन दूसरे छोर पर विकेटों का सिलसिला जारी रहा। 11वें ओवर में अर्शदीप सिंह ने कप्तान वागी कराहो को 6 रन के स्कोर पर कैच आउट कर पवेलियन भेजा। सिनाका अरुआ ने सैम के साथ एक साझेदारी बनाने की कोशिश की लेकिन 16वें ओवर में अनुकूल रॉय ने उन्हें बोल्ड कर दिया। इसके बाद अनुकूल रॉय ने एक-एक कर सभी पुछल्ले बल्लेबाजों को चलता किया और पीएनजी की पारी को 64 रन पर समेट दिया।
पृथ्वी का दूसरा अर्धशतक
टीम इंडिया के लिए 65 रनों का लक्ष्य काफी आसान था। सलामी बल्लेबाज मनोज कालरा और कप्तान पृथ्वी शॉ ने मिलकर 8 ओवर में 67 रन बनाकर टीम इंडिया को ये मैच 10 विकेट से जिता दिया। पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ मैच में भारतीय कप्तान ने 65 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टूर्नामेंट में अपना दूसरा अर्धशतक जड़ा। शॉ ने मात्र 39 गेंदो में 12 चौकों की मदद से 57 रन बनाए।