
Vaibhav Sooryavanshi can India debut in Manchester: वैभव सूर्यवंशी के भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर इंतजार लंबा होता जा रहा है। 15 साल के इस करिश्माई बल्लेबाज को मौका नहीं मिलने की वजह से अब भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री के सब्र का बांध भी अब टूटने लगा है। वहीं, भारतीय टीम मैनेजमेंट पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वैभव मैनचेस्टर में खेले जाने वाले भारत बनाम इंग्लैंड दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं। उन्हें संजू सैमसन की जगह मौका मिल सकता है, जो पिछले तीन मैचों फ्लॉप रहे हैं।
पूर्व भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर ने कहा कि जब भी उसे मौका मिलेगा। उस पर ज्यादा प्रेशर आएगा, लेकिन 15 साल की उम्र में आप ज्यादा प्रेशर के बारे में नहीं सोचते हैं। वह जानता है कि उसे दूसरे या तीसरे मैच में मौका मिलता है, तो उसे तुरंत अच्छा करना होगा। हालांकि, वह यहां रहकर खुश है। टीम प्यारे और जबरदस्त प्लेयर्स से भरी हुई है। उनसे सीखना उसके लिए बहुत अच्छा है।
वहीं, भारतीय टीम के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड में खिलाना चाहिए था। वहां के विकेट स्लो और स्पंजी थे। वह वहां खेलता तो लंबे-लंबे छक्के मारता। उसने आईपीएल में सबकी पिटाई की है। उसने कौन से पेसर को छोड़ा है और आप यहां उसे बेंच पर बिठा रहे हो। जबकि माइकल वॉन ने कहा कि हमें बीसीसीआई और सेलेक्टर्स से पूछना चाहिए कि भला उस बच्चे को आयरलैंड के खिलाफ क्यों नहीं खिलाया?
संजू सैमसन ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में सात गेंदों का सामना करते सिर्फ एक रन बनाया। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में वह चार गेंदों पर वह महज पांच रन बना पाए, तो दूसरे मैच में वह पहली ही गेंद पर गोल्डन डक बनाकर आउट हो गए। अपने पिछले तीन आउट होने में से दो में सैमसन ऑफ-साइड में गेंद को डैश करने की कोशिश में आउट हुए हैं।
वहीं, डरहम में वह पहले ही अपनी बाईं ओर खिसक चुके थे। इसलिए, उनके पास ज्यादा जगह नहीं थी और गेंद बैकवर्ड पॉइंट पर टॉम बैंटन के हाथों में चली गई। संजू की लगातार असफलता वैभव सूर्यवंशी के लिए टीम इंडिया के दरवाजे खोल सकती है। क्योंकि इससे पहले भी टीम मैनेजमेंट कई बार उन्हें बाहर का रास्ता दिखा चुका है।
बता दें कि मैनचेस्टर के ऐतिहासिक मैदान पर यूं तो कई भारतीय खिलाड़ी ने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया है, लेकिन इनमें अनिल कुंबले, अंशुल कंबोज और अब्बास अली बेग प्रमुख हैं। अंशुल कंबोज ने जुलाई 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था।
इससे पहले महान स्पिनर अनिल कुंबले ने अगस्त 1990 में ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में अपना पहला टेस्ट खेला था। जबकि अब्बास अली बेग ने जुलाई 1959 में मैनचेस्टर में ही अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू किया था। उम्मीद है कि अब वैभव सूर्यवंशी का नाम भी इस लिस्ट में आ जाए।