
Vaibhav Sooryavanshi hit 44 runs in 22 balls without six: वैभव सूर्यवंशी ने अफगानिस्तान ए के खिलाफ दांबुला के रांगिरी दांबुला अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम महज 22 गेंदों पर 200 के स्ट्राइक रेट से 44 रन बनाए हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि शुरुआत से ही छक्कों के लिए मशहूर इस 15 साल के टीनएजर ने अपनी इस पारी में एक भी छक्का नहीं लगाया। उन्होंने गेंदबाजों से सिर्फ चौकों में ही डील की। इस दौरान उनके बल्ले से 9 चौके आए, जिसके लिए प्रसिद्ध कमेंटेटर हर्षा भोगले ने उनकी पीठ थपथपाई है। लेकिन हर्षा को एक बात का मलाल रह गया कि वह वैभव की ये पारी नहीं देख पाए।
हर्षा भोगले ने अपने एक्स अकाउंट पर अपनी पोस्ट में लिखा कि वैभव सूर्यवंशी ने इंडिया एक के लिए अफगानिस्तान ए के खिलाफ 22 गेंदों का सामना करते हुए 44 रन बनाए। लेकिन, मजेदार बात ये है कि उन्होंने 9 चौके मारे और कोई 6 नहीं! मैं मैच नहीं देख पाया, लेकिन इससे पता चलता है कि वह अपने गेम को बेहतर कर रहे हैं।
अफगानिस्तान ए के कप्तान इमरान मीर के टॉस जीतकर गेंदबाजी करने के फैसले करने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने बिना समय गंवाए विरोधी टीम पर अटैक किया। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर चौका लगाकर शुरुआत की और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने अफगानिस्तान के सीमर की किसी भी ढीली गेंद को चौके के लिए भेजा। इस युवा खिलाड़ी के आक्रामक रवैये ने इंडिया ए को सिर्फ पांच ओवर में बिना किसी नुकसान के 50 रन बनाने में मदद की।
उन्होंने बार-बार ऑफ साइड में गैप ढूंढे। साथ ही शॉर्ट-पिच बॉलिंग पर हावी होने की अपनी काबिलियत भी दिखाई। प्रभसिमरन सिंह के साथ उनकी 74 रन की पार्टनरशिप ने पारी की मजबूत नींव रखी। एक समय ऐसा लग रहा था कि वैभव आसानी से अपनी हाफ सेंचुरी पूरी कर लेंगे, लेकिन अब्दुल्ला अहमदजई ने 8वें ओवर की पहली ही गेंद पर अफगानिस्तान ए को ब्रेकथ्रू दिलाया।
दरअसल, सूर्यवंशी शॉर्ट डिलीवरी पर रैंप शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन वह गेंद को विकेटकीपर इशाक रहीमी के हाथों में थमा बैठे। इस शॉट से खुद वैभव निराश नजर आए, क्योंकि उन्होंने सिर्फ 22 बॉल तक चली तूफानी पारी से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया और मोमेंटम को पूरी तरह से भारत ए के पक्ष में कर दिया।