Varun Chakaravarthy Threat: IPL 2021 के उस काले दौर को याद कर वरुण चक्रवर्ती का दर्द छलक उठा। जानें कैसे एक बायो-बबल से बाहर निकलना उनके लिए नफरत का कारण बना और क्यों फैंस उन्हें सोशल मीडिया पर मरने तक की धमकियां देने लगे थे।
Varun Chakaravarthy: भारतीय टीम के स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने अपने क्रिकेट करियर के सबसे काले दौर का खुलासा किया है। यह वह समय था जब 2021 में आईपीएल के दौरान वह कोविड पॉजिटिव पाए गए थे और उसके बाद उन्हें न सिर्फ गालियां दी गईं, बल्कि जान से मारने की धमकियां भी मिली थीं। वरुण ने बताया कि उस समय लोग इतने गुस्से में थे कि वे उनके मरने की दुआ कर रहे थे।
साल 2021 में पूरी दुनिया कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रही थी। लोग घरों में कैद थे और उनके मनोरंजन का इकलौता जरिया आईपीएल था। बायो-बबल में टूर्नामेंट चल रहा था, लेकिन अचानक कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कैंप में कोरोना की एंट्री हो गई। वरुण चक्रवर्ती और संदीप वारियर पहले खिलाड़ी थे जो पॉजिटिव पाए गए। इसकी वजह से बीसीसीआई को आईपीएल को बीच में ही रोकना पड़ा। फैंस को लगा कि वरुण की वजह से उनका पसंदीदा टूर्नामेंट बंद हो गया है और उन्होंने सारा गुस्सा वरुण पर निकाल दिया।
साहिबा बाली के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए वरुण ने उस डरावनी घटना को याद किया। उन्होंने कहा, 'सबसे बुरा वक्त तब था जब 2021 में आईपीएल रुक गया। मैं पहला खिलाड़ी था जो पॉजिटिव आया था, इसलिए पूरा टूर्नामेंट सस्पेंड करना पड़ा। लोग बहुत गुस्से में थे क्योंकि आईपीएल ही उस समय मनोरंजन का साधन था। लोग मुझे गालियां दे रहे थे और यहां तक कह रहे थे, 'तुम मर क्यों नहीं जाते'। वह सुनना बहुत तकलीफदेह था।' वरुण का यह दर्द आज 5 साल बाद इसलिए भी मायने रखता है क्योंकि यह सोशल मीडिया पर होने वाली 'टॉक्सिक ट्रोलिंग' का सबसे डरावना चेहरा पेश करता है।
उस समय की रिपोर्ट्स के मुताबिक, वरुण कंधे की चोट के स्कैन के लिए बायो-बबल से बाहर निकले थे। हालांकि वह 'ग्रीन चैनल' के जरिए अस्पताल गए थे, लेकिन इसी दौरान वह वायरस की चपेट में आ गए। जल्द ही यह संक्रमण दूसरी टीमों में भी फैल गया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी और सीईओ काशी विश्वनाथन भी पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए और लीग को स्थगित करना पड़ा।