
जमैका। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली भले ही टेस्ट फॉर्मेट में धोनी से ज्यादा सफल कप्तान बन गए हों, लेकिन अभी भी वो धोनी से कई मामलों में पीछे हैं। विराट कोहली अभी भी धोनी से रणनीति बनाने, अनुभव और खेल को किसी भी मुश्किल वक्त से निकालने में पीछे हैं। वहीं डीआरएस के मामले में तो धोनी को कोई खिलाड़ी टक्कर देने वाला नहीं है। धोनी की कप्तानी में अक्सर देखा गया है कि जब-जब उन्होंने डीआरएस लिया है तो समझो विकेट मिल ही गया। धोनी की ये समझ अभी भी मैदान पर दिखती है। वनडे में जब भी धोनी मैदान पर होते हैं तो विराट खुद डीआरएस लेने से पहले माही से डिस्कस करते हैं, लेकिन विराट कोहली डीआरएस के मामले में फिसड्डी साबित होते हैं।
विराट ने गंवाया रिव्यू
एक ऐसा ही नजारा वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन देखने को मिला, जब विंडीज के बल्लेबाज रोस्टन चेस और ब्रुक्स पिच पर जम चुके थे। पारी के 23वें ओवर में इशांत शर्मा की गेंद पर चेस के खिलाफ एलबीडबल्यू की जोरदार अपील हुई, लेकिन अंपायर ने आउट नहीं दिया। इसके बाद विराट ने डीआरएस लेने का फैसला किया, लेकिन वो गलत साबित हुए।। रीप्ले में देखा गया कि गेंद चेस के बल्ले पर भले ही नहीं लगी थी, लेकिन वह विकेट के काफी ऊपर से निकल रही थी। भारत ने इसी वजह से अपना रिव्यू भी गंवा दिया।
पहली पारी में विराट के सफल डीआरएस ने ही पूरी की थी बुमराह की हैट्रिक
इससे पहले भी कई बार देखा गया है कि जब-जब विराट ने धोनी की गैरमौजूदगी में डीआरएस लिया है तो ज्यादातर मौकों पर वो फेल साबित हुआ है। यहां भी विराट ने हड़बड़ी में डीआरएस लिया था, जिसका नतीजा ये हुआ कि भारत ने अपना रिव्यू गंवा दिया। हालांकि पहली पारी में विराट ने एक और रिव्यू लिया था, जो सही साबित हुआ था और जसप्रीत बुमराह की उस रिव्यू की वजह से हैट्रिक पूरी हो गई थी।
आपको बता दें कि भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच 257 रनों से जीत लिया। इस जीत के साथ ही भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली।