Team India New Head Coach: गौतम गंभीर को टीम इंडिया का हेड कोच बनाने की रिपोर्ट के बीच विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने बीसीसीआई को भारत के मुख्य कोच के रूप में एमएस धोनी के नाम का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि एमएस धोनी भारत के मुख्य कोच के लिए बेहतर विकल्प हैं।
Team India New Head Coach: भारतीय टीम के हेड कोच की भूमिका के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि निकल चुकी है। पहले ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों के नाम सामने आ रहे थे, लेकिन बीसीसीआई सचिव जय शाह यह स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर से इस पद के लिए संपर्क नहीं किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि राहुल द्रविड़ की जगह किसी भारतीय को ही हेड कोच की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, लेकिन अभी तक बीसीसीआई ने आवेदन करने वालों के नामों पर चुप्पी साध रखी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गौतम गंभीर का नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहा है। वहीं, विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा की राय अलग है।
द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता राजकुमार शर्मा ने दिग्गज क्रिकेटर एमएस धोनी के नाम प्रस्ताव दिया है। इंडिया न्यूज के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सबसे पहले ये देखना दिलचस्प होगा कि इस पद के लिए कौन-कौन आवेदन करते हैं। मैं चाहूंगा कि जो भी कोच बने, वह भारतीय हो। अगर एमएस धोनी संन्यास की घोषणा करते हैं तो वह एक अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं। उन्होंने बहुत क्रिकेट खेला है और बड़े टूर्नामेंट जीते हैं।
राजकुमार शर्मा ने कहा कि धोनी को ड्रेसिंग रूम का सम्मान मिलेगा। वह दो विश्व कप ट्रॉफी के साथ एक सिद्ध कप्तान हैं। उन्होंने लंबे समय तक इस प्रारूप में खेला है। टीम के लिए योजना बनाना और उसे सही तरीके से प्रबंधित करना, टीम में सबसे ज्यादा जरूरी है। क्योंकि जब धोनी कप्तान बने थे, तब उस टीम में सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, हरभजन सिंह, अनिल कुंबले, गौतम गंभीर और युवराज सिंह जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद थे। इसके बावजूद धोनी ने टीम को शानदार तरीके से संभाला।
वहीं, भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अतुल वासन ने टी20 क्रिकेट में कोच की भूमिका पर एक अलग नजरिया पेश किया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि टी20 क्रिकेट में कोच की भूमिका खत्म कर देनी चाहिए और उसकी जगह मेंटर को रखना चाहिए और फॉर्मेट एक्सपर्ट को रखना चाहिए। जैसे एबी डिविलियर्स टी20 क्रिकेट के विशेषज्ञ हैं।
भारत ने 1983 और 2007 का विश्व कप अपने कोच की वजह से जीता था। मेरे हिसाब से कोच का काम टीम को मैदान से होटल तक ले जाने तक ही सीमित है। मैं कोच को टीम की हार की जिम्मेदारी और टीम की जीत का श्रेय नहीं दूंगा। जैसे फुटबॉल में कोच नहीं मैनेजर होते हैं। वैसे ही क्रिकेट में भी कोच की जगह मैनेजर होना चाहिए, जो टीम को मैनेज करे।