
नागपुर। रणजी चैंपियन विदर्भ और शेष भारत के बीच नागपुर में खेले जा रहे ईरानी ट्रॉफी के अहम मैच में वसीम जाफर मात्र 14 रन एक बड़ा कीर्तिमान बनाने में चूक गए। यदि जाफर 14 रन और बना लेते तो वे भारत ही नहीं पूरे एशिया के पहले बल्लेबाज होते, जिनके नाम पर 40 पार की उम्र में तिहरा शतक बनाने का रिकॉर्ड दर्ज होता। बता दें कि अबतक पूरी दुनिया में मात्र चार ही क्रिकेटरों ने 40 से ज्यादा की उम्र में तिहरा शतक जमाया है। जाफर पिछले दो दिनों से विदर्भ स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में बल्लेबाजी कर रहे थें। लेकिन आज बारिश बाद देर से शुरू हुए मैच में सिद्धार्थ कौल ने जाफर को 286 के स्कोर पर आउट किया।
40 पार की उम्र में रचा इतिहास -
आमतौर पर कोई क्रिकेटर 38-40 की उम्र पर आकर संन्यास ले लेता है। लेकिन भारतीय घरेलू क्रिकेट के शहंशाह वसीम जाफर ने 40 की उम्र में दोहरा शतक जड़ इतिहास रच दिया है। ईरानी ट्रॉफी में विदर्भ की ओर से बल्लेबाजी करते हुए जाफर दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर 285 रन बनाकर नाबाद हैं।
कई नए रिकॉर्ड बनाए-
दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर जाफर के बल्ले से 285 रन निकल चुके थें। इस मैराथन पारी के दौरान उन्होंने घरेलू क्रिकेट में कई विराट कीर्तिमान कायम किए। जाफर अब ईरानी कप की किसी एक पारी में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस मामले में जाफर ने मुरली विजय (266) का रिकॉर्ड तोड़ा। साथ ही इसी पारी के दौरान जाफर ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना 18,0000 रन पूरा किया। इस मामले में भी वे घरेलू क्रिकेट में सबसे आगे हैं।
दूसरे दिन का हाल -
रणजी चैंपियन विदर्भ और शेष भारत के खिलाफ नागपुर में जारी इस मैच के दूसरे दिन वसीम जाफर की बेहतरीन बल्लेबाजी का नजारा दिखा। दूसरे दिन गुरुवार को दिन का खेल खत्म होने तक विदर्भ ने तीन विकेट खोकर 598 रन बना लिए हैं। सटम्प्स तक जाफर 425 गेंदों में 34 चौके और एक छक्के की मदद से 285 रन बनाकर नाबाद हैं। उनके साथ अपूर्व वानखेड़े 44 बनाकर खेल रहे हैं। विदर्भ ने दूसरे दिन गणेश सतीश के रूप में एक मात्र विकेट खोया। वह 280 गेंदों में 10 चौके और दो छक्कों की मदद से 120 रन बनाकर आउट हुए।