West Indies cricketer suspended for match-fixing: मैच फिक्सिंग का दोषी पाये जाने के बाद आईसीसी ने वेस्टइंडीज के क्रिकेटर जेवन सियरलेस और टीम के दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। करप्शन का ये मामला Bim10 लीग से जुड़ा है, जो 2023-24 में बारबाडोस में आयोजित की गई थी।
West Indies cricketer suspended for match-fixing: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने एंटी-करप्शन कोड तोड़ने का दोषी पाए जाने के बाद वेस्टइंडीज के क्रिकेटर जेवन सियरलेस को सस्पेंड कर दिया है। मैच फिक्सिंग के आरोप खिलाड़ी के Bim10 लीग में हिस्सा लेने से जुड़ा है, जो 2023-24 में बारबाडोस में आयोजित की गई थी। खिलाड़ी के अलावा टीम के दो और अधिकारियों को भी सस्पेंड किया गया है। इन्होंने आखिर कैसे फिक्सिंग की थी और इन पर क्या आरोप लगे थे। आइये इस पूरे मामले पर एक नजर डालते हैं।
आईसीसी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, जेवन सियरलेस, चितरंजन राठौड़ और ट्रेवॉन ग्रिफिथ को एंटी-करप्शन कोड के कई नियमों को तोड़ने का दोषी पाए जाने के बाद सस्पेंड कर दिया गया है। ग्रिफ़िथ पर क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) एंटी-करप्शन कोड के तहत एक चार्ज है, जबकि टाइटन्स के मालिक राठौड़ पर तीन चार्ज हैं, जबकि सियरलेस के नाम चार चार्ज हैं। इससे पहले यूएसए के स्टार एरॉन जोन्स को भी इसी वजह से सस्पेंड किया गया था।
CWI कोड के आर्टिकल 2.1.1 का उल्लंघन: 2023-24 में Bim10 टूर्नामेंट के मैचों के नतीजे, प्रोग्रेस, कंडक्ट या किसी और पहलू को फिक्स करना, फिक्स करने की कोशिश करना या गलत तरीके से प्रभावित करना या किसी भी तरह से फिक्स करने या फिक्स करने की कोशिश या किसी और तरह से गलत तरीके से प्रभावित करने के एग्रीमेंट या कोशिश में शामिल होना (या ऐसा करने की कोशिश करना)।
CWI कोड के आर्टिकल 2.1.4 का उल्लंघन: इस कोड के तहत अपराध करने के लिए खिलाड़ियों या सपोर्ट स्टाफ को उकसाना, निर्देश देना, बढ़ावा देना या मदद करना।
CWI कोड के आर्टिकल 2.4.4 का उल्लंघन: इस कोड के तहत संभावित अपराधों के संबंध में डेज़िग्नेटेड एंटी-करप्शन ऑफिशियल (या उनके द्वारा डेज़िग्नेटेड) द्वारा की गई उचित जांच में सहयोग न करना।
CWI कोड के आर्टिकल 2.4.2 का उल्लंघन: क्रिकेट वेस्टइंडीज को ऐसे किसी भी अप्रोच या इनविटेशन की जानकारी न देना जो कोड का उल्लंघन माना जाएगा।
ICC कोड के आर्टिकल 2.4.7 का उल्लंघन: संभावित करप्ट कंडक्ट की एसीयू की जांच में रुकावट डालना, ऐसी जानकारी को छिपाना या उससे छेड़छाड़ करना जो जांच के लिए ज़रूरी हो सकती थी। या जो सबूत बन सकती थी या करप्ट कंडक्ट के सबूतों की खोज का कारण बन सकती थी।