
Women's Asia Cup 2026, Mohsin Naqvi: वूमेंस एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम ने एक बार फिर से मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया। इससे पहले साल 2025 में सूर्यकुमार यादव एंड कंपनी ने एशिया कप का खिताब जीता था और नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था, जो ट्रॉफी आज तक एसीसी के ऑफिस में पड़ी है। ये दूसरा मौका है, जब भारतीय टीम ने खिताब जीता, लेकिन एशिया कप की ट्रॉफी उसे नहीं मिली। हालांकि, एसीसी और PCB प्रमुख मोहसिन नकवी प्रेजेंटेशन सेरेमनी में ट्रॉफी देने के लिए जरूर पहुंचे थे, लेकिन हरमनप्रीत कौर एंड कंपनी ने उनका बायकॉट कर दिया और ड्रेसिंग रूम में लौट गई।
ड्रेसिंग रूम में BCCI सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने अपने खिलाड़ियों के साथ जश्न मनाया और खिलाड़ियों को बेस्ट प्रदर्शन के लिए मेडल दिए। इस घटना के बाद एक बार फिर से सवाल उठने लगे कि आखिर भारतीय टीम ने यह फैसला क्यों लिया? भारतीय टीम ट्रॉफी और मेडल लेने के लिए मंच पर क्यों नहीं गई? जिसके जवाब में टीम इंडिया के हेड कोच अमोल मजूमदार ने पूरी बात स्पष्ट कर दी है।
उन्होंने बताया कि मोहसिन नकवी से ट्रॉफी न लेने का फैसला BCCI का था और टीम इंडिया BCCI के इस फैसले के साथ खड़ी रही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमोल मजूमदार ने कहा कि यह स्टैंड BCCI का है और हम उसके साथ हैं। हमारे लिए टूर्नामेंट खत्म हो चुका है, हम चैंपियन हैं और हमारे लिए इतना काफी है। उन्होंने कहा कि अब हमारा ध्यान एशियन गेम्स पर है।
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि अब भारतीय टीम को एशिया कप की ट्रॉफी कब मिलेगी, तब उन्होंने कहा कि इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है और इसको लेकर अभी तक कोई खबर भी नहीं है। इसलिए मैं उसका जवाब नहीं दे सकता।
वूमेंस एशिया कप के खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका को एकतरफा मुकाबले में 72 रन से हरा दिया और आठवीं बार खिताब अपने नाम कर लिया। यह T20 फॉर्मेट में भारतीय टीम का चौथा, जबकि चार वनडे एशिया कप का खिताब भारतीय टीम अपने नाम कर चुकी है।
वूमेंस एशिया कप में आठों खिताब भारतीय टीम ने श्रीलंका को ही हराकर जीते हैं। अब तक 10 वूमेंस एशिया कप टूर्नामेंट का आयोजन हो चुका है, जिसमें से आठ बार भारतीय टीम चैंपियन रही है, तो 2024 में श्रीलंका ने भारत को हराकर पहली बार खिताब जीता था। साल 2018 में बांग्लादेश ने भारतीय टीम को हराकर ट्रॉफी उठाई थी। पाकिस्तान की टीम दो बार फाइनल पहुंची है और दोनों बार उसे भारतीय टीम से हार का सामना करना पड़ा है। टूर्नामेंट के इतिहास में आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि भारतीय टीम फाइनल में न पहुंची हो।