दीपक के पिता बार-बार एक ही सवाल उठा रहे हैं नाला ढ़का क्यों नहीं था।
नई दिल्ली। पटना के मोहनपुर संप हाउस में खुले हौज के नाले में शनिवार को गिरे 10 वर्षीय दीपक का रविवार को भी कुछ पता नहीं चला। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने बच्चे को निकालने के लिए सुपर सॉकर मशीन से रात भर ऑपरेशन चलाया, नाले में प्रेशर से पानी भी डाला। लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी दीपक का पता नहीं चल सका है। घर बालों का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं, दीपक के पिता बार-बार एक ही सवाल उठा रहे हैं नाला ढ़का क्यों नहीं था। अगर नाला ढ़का रहता तो उनके बच्चे के साथ ऐसी घटना नहीं होती।
बता दें कि घटना के बाद शुरू राहत व बचाव कार्य का अभी तक कोई परिणाम नहीं निकला है। इस वजह से नाला जगह-जगह जाम है। वहीं, बीती बरसात में नाले की रूटीन सफाई नहीं कराए जाने की वजह से अधिक परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि पहले अगर नाले की सफाई की जाती तो ऐसी समस्या नहीं आती और दीपक अभी तक मिल चुका होता।
कैसे हुआ हादसा
आपको बता दें कि दीपक के पिता बोरिंग रोड पर ठेला लगाते हैं। हादसे वाले दिन दीपक अपने पिता को खाना पहुंचाकर लगभग 1:40 के करीब घर जा रहा था। इसी दौरान सड़क पर एक लावारिस गाय घूम रही थी। दीपक गाय से बचने के लिए संप हाउस की दीवार पर चढ़ गया और फिसलकर हौज में जा गिरा। इसके बाद फिसल कर नाले में गिर गया। हादसे के समय दीपक का दोस्त भी मौजूद था, उसने बताया कि दीपक के गिरने के बाद वहां एक बुलबुला दिखा, फिर कुछ भी पता नहीं चला।
सर्च ऑपरेशन में भी हुई देरी
दीपक के घर वालों की माने तो सर्च ऑपरेशन में काफी देरी हुई। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को घटना की सूचना ढाई बजे दी गई, लेकिन टीमें चार बजे पहुंचीं। फिर इसके बाद सर्च ऑपरेशान शुरू हुआ। इस दौरान पहले 100 मीटर में सर्च किया गया, लेकिन दीपक का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद अंडरग्राउंड नाले में जवानों को उतारकर सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
परिवारवालों का बुरा हाल
24 घंटे बीत जाने के बाद भी दीपक का कुछ पता नहीं चला है। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। घरवाले दीपक की उम्मीद खो चुके हैं। परिजनों का कहना है कि उनका बच्चा अगर मर चुका है तो कम से कम शव को मिल जाए। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है। कुछ समय बाद ही पता चल पाएगा की दीपक कहां है।