Pradhan Mantri Awas Yojana में धांधली की आशंका Anti Corruption Bureau ने बढ़ाया जांच का दायरा
नई दिल्ली। मोदी सरकार ( Modi Government ) की महत्वाकांक्षी योजनाओं ( Dream Project ) में से एक प्रधानमंत्री आवास योजना ( Prime Minister Housing Scheme ) में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार ( Corruption ) होने की खबर मिली है। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी ( PM Narendra Modi ) के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के नाम पर कुछ लोग भ्रष्टाचार का गंदा खेल खेल रहे हैं। ताजा मामला राजस्थान के कोटा से जुड़ा हुआ है। यहां पर एंटी करप्शन ब्यूरो ( ACB ) ने पीएम आवास योजना ( Pradhan Mantri Gramin Awaas Yojana ) के कंसलटेंट को पकड़ा है, जिसके बाद अब इस मामले में जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। वहीं, एसीबी अब इस रिश्वत के इस खेल का भंडाफोड़ करने में जुट गई है।
एसीबी के एएसपी चंद्रशील ठाकुर के अनुसार 2017 में हुई नियुक्ति से अब तक कंसलटेंट सत्यनारायण मीणा ने जितने भी आवेदन स्वीकृत किए हैं, उन सभी को जांच के दायरे में लाया जाएगा। ठाकुर ने बताया कि इस अवधि में पीएम आवास के लगभग 517 आवेदन स्वीकृत किए गए। इनमें से 400 आवदेकों को पहली किश्त भी मिल चुकी है। जबकि 117 आवेदकों पहली किस्त मिलने ही वाली है। एसीबी ने इस पूरी स्कीम में बड़े बड़ी धांधली की आशंका है। एसीबी का कहना है कि जिन 400 आवेदकोंको योजना की पहली किस्त मिली है, उन्होंने मकान निर्माण का काम शुरू नहीं किया है। सीबी का मानना है कि जेईएन ने इन आवेदकों को फर्जी तरीके पैसा दिलवाया है।
एसीबी के सीआई दलवीर फौजदार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस केस की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों की एक टीम गठित की जाएगी। जिन 400 लोगों को किस्त मिल चुकी है, उनके निर्माणधीन भवनों को औचक निरीक्षण और सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही कोटा यूआईटी ने रिश्वत के आरोपी कंसलटेंट सत्यनारायण की फर्म को काली सूची में डाल दिया है।