बुधवार को दाती मीडिया के सामने आया और उसने कहा कि वह भगोड़ा नहीं है, बल्कि उसके ही खिलाफ आर्थिक षडयंत्र किया जा रहा है।
नई दिल्ली : बलात्कार का आरोप लगने के बाद दाती महाराज अभी तक मीडिया और पुलिस दोनों से बच रहा था। आज बुधवार को वह मीडिया के सामने आया तो वहीं मंगलवार को पुलिस की पूछताछ में भी शामिल हुआ। उसने कहा कि उसे फंसाया जा रहा है। उसके चारो ओर आर्थिक षडयंत्र का जाल बुना जा रहा है।
22 जून को फिर होगी पूछताछ
बलात्कार के आरोपी दाती महाराज से दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मंगलवार को सात घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद बाहर निकले दाती ने कहा कि उसे न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। क्राइम ब्रांच ने 22 जून को फिर दाती महाराज को पूछताछ के लिए बुलाया है। इतना ही नहीं क्राइम ब्रांच आज इस मामले में दाती महाराज के तीनों भाइयों अशोक, अर्जुन और अनिल को पूछताछ के लिए बुलाया है। इनमें उसके वह भाई भी शामिल हैं, जो बलात्कार के अपराध में दाती महाराज के साथ बराबर के भागीदार थे।
समर्थकों ने लगाए जयकारे
मंगलवार की पूछताछ के बाद दाती जब अपने छतरपुर के आश्रम पहुंचा तो वहां उसके समर्थकों ने जम कर उनके नाम के जयकारे लगाए। हालांकि वहां जब मीडिया ने उससे बात करनी चाही तो उसने मना कर दिया और कहा कि वह बाद में मीडिया से बात करेगा।
देर रात तक चली पूछताछ
पुलिस ने बताया कि दाती महाराज को पहले भी नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आया था। इसके बाद उसे एक और नोटिस भेजकर बुधवार तक पूछताछ के लिए हाजिर होने के लिए कहा गया था। इसके बाद वह मंगलवार दोपहर बाद करीब ढाई बजे क्राइम ब्रांच के कार्यालय पहुंचा था। पुलिस की पूछताछ उसके साथ काफी लंबे समय तक चली। करीब सात घंटे की पूछताछ के बाद उसे दोबारा शुक्रवार को बुलाया गया है। पूछताछ में दाती महाराज ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
पीड़िता ने कोर्ट में दर्ज कराया बयान
पीड़िता ने मंगलवार को साकेत कोर्ट में 164 के तहत अपना बयान दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि 9 फरवरी 2016 को आश्रम की एक महिला उसे दाती महाराज के पास लेकर गई। वहां दाती के साथ उसके तीन साथियों ने दुष्कर्म किया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें ऐसा करने के लिए आश्रम की एक सेवादार करने को कहती थी। उसने कहा कि ऐसा करने से मोक्ष की प्राप्ति होगी।
नहीं आता जाप करना
बलात्कार के बाद अब दाती महाराज पर और भी लग रहे हैं। तीन दशक तक दाती के साथ काम कर चुके बंशीलाल मेवाड़ा ने उस पर आर्थिक घोटाले का आरोप लगाया है। मेवाड़ा ने खुलासा किया कि एक डॉक्टर दारीवाले थे। उनकी ग्रेनाइट की फेक्ट्री थी। ये पत्थर दाती महाराज ने उनकी फैक्ट्री से 21 हजार रुपए में खरीदा था। उन्होंने आगे बताया कि दाती महाराज को जाप करने भी नहीं आता है। वह जाप करने के लिए मथुरा-वृंदावन से पंडित बुलाता था।
लगा आर्थिक घोटाले का आरोप
अब तो दाती महाराज पर आर्थिक घोटाले भी आरोप लग रहा है। पता चला है कि वह चढ़ावे का तेल बेच दिया करता था। इसके पाली के खेतवास के शनि धाम में एक ऐसे टैंक के बारे में पता चला है, जहां सारा तेल इकठ्ठा किया जाता था। मामला ये है कि इसने ऐसी व्यवस्था की थी कि भक्त शनि शिला पर जो सरसों का तेल चढाते थे, वह कहीं गिरता नहीं था, बल्कि टैंक में जाकर जमा हो जाता था।