सोशल मीडिया पर यह अफवाह काफी दिनों से फैली हुई है थी कि नगालैंड के इलाके में एक बच्‍चा चोरों का एक गिरोह सक्रिय है।
गुवाहाटी : अफवाहों पर नाम पर देश में हत्या और अपराध का दौर लगातार चल रहा हैा इस तरह की घटनाएं देश में आम होती जा रही हैं। इसमें सोशल मीडिया का भी बड़ा हाथ है। इसी तरह एक घटना असम के कार्बी आंगलॉन्ग जिले में घटी हैा सोशल मीडिया पर यह अफवाह काफी दिनों से फैली हुई है थी कि नगालैंड के इलाके में एक बच्चा चोरों का गिरोह सक्रिय है। इसी अफवाह के आधार पर कार्बी आंगलॉन्ग के एक दूरवर्ती इलाके में भीड़ ने पीट-पीटकर दो युवकों की जान ले ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वह इसकी जांच कर रही है।
अफवाह के कारण डरे हुए थे लोग
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह अफवाह जोर-शोर से फैली हुई थी कि नगालैंड के दीमापुर और उसके आस-पास के इलाके में एक बच्चा चुराने वाला गिरोह सक्रिय है। यह पोस्ट बुरी तरह वायरल हो गया था। इसलिए इलाके के लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर डरे हुए थे। असम का कार्बी आंगलॉन्ग क्षेत्र नगालैंड से सटा हुआ है।
पीड़ितों की हुई पहचान
मामले की जांच कर रही राज्य की पुलिस ने बताया कि पीड़ितों की पहचान कर ली गई है। इनका नाम नीलोत्पल दास और अभिजीत नाथ है। वह जिले के डोकमोका क्षेत्र में काथिलांगसो झरने के पास गए थे और शुक्रवार की देर रात अपनी गाड़ी से वापस लौट रहे थे, तभी दोनों को बच्चा चुराने वाला समझकर भीड़ ने रोक लिया और पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, भीड़ ने दोनों को गाड़ी से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें बांध कर पीटने लगे. इस दरमियान दोनों युवक उनके सामने चिल्लाए-गिड़गिड़ाए कि वे असम के रहने वाले हैं। यहां घुमने आए हैं। उनका बच्चा चोरों के गिरोह से कोई संबंध नहीं है, लेकिन भीड़ ने उनकी एक न सुनी।
मुख्यमंत्री ने की निंदा
इस मामले को असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने गंभीरता से लिया है। इतने बर्बर तरीके से हुई हत्या को देखकर वह आहत हो गए और मामला को संभालने के लिए असम पुलिस (कानून-व्यवस्था) के अतिरिक्त महानिदेशक मुकेश अग्रवाल को दोकमोका भेज दिया। इसके अलावा उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना भी प्रकट की।