बांसवाड़ा शहर के महात्मा गांधी चिकित्सालय में संचालित जीएनएम ट्रेनिंग सेेंटर के 29 प्रशिक्षुओं के भविष्य पर तलवार लटक गई है। इन प्रशिक्षुओं की ओर से पेश बारहवीं की अंकतालिकाओं के सत्यापन के दौरान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग [एनआईओएस] ने अपने यहां इनका किसी तरह का रिकार्ड ही न होने की जानकारी दी है। इस पर सेंटर ने अंकतालिकाएं फर्जी मानते हुए प्रशिक्षुओं की सूची निदेशालय भेजी है। अब आगे मार्गदर्शन अनुसार कार्रवाई होगी।
आशीष बाजपेई. बांसवाड़ा. शहर के महात्मा गांधी चिकित्सालय में संचालित जीएनएम ट्रेनिंग सेेंटर में अध्ययनरत 29 प्रशिक्षुओं के भविष्य पर तलवार लटक गई है। इन प्रशिक्षुओं की ओर से पेश बारहवीं की अंकतालिकाओं के सत्यापन के दौरान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग [एनआईओएस] ने अपने यहां इनका किसी तरह का रिकार्ड ही न होने की जानकारी दी है। इस पर सेंटर ने अंकतालिकाएं फर्जी मानते हुए प्रशिक्षुओं की सूची निदेशालय भेजी है। अब आगे मार्गदर्शन अनुसार कार्रवाई होगी।
सबंधित विद्यार्थी प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के हैं, जिन्होंने सत्र 2016-17, 2017-18 व 2018-19 में प्रवेश लिया था। ज्यादातर विद्यार्थी बांसवाड़ा जिले के हैं। इनमें 14 छात्र और 15 छात्राएं शामिल हैं। छात्राओं में से दो को अनुशासनहीनता के कारण पहले ही निष्कासित किया जा चुका है।
आगे यह होगी कार्रवाई
जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर प्रधानाचार्य हेमेंद्र भट्ट ने बताया कि प्रक्रिया के तहत उक्त विद्यार्थियों की अंकतालिका सत्यापन के लिए एनआइओएस भेजी गई थी। वहां से जवाब आया कि उक्त विद्यार्थियों का उनके यहां कोई रिकॉर्ड नहीं है।
दो मामलों में दर्ज हो चुकी एफआईआर
फर्जी अंकतालिका पेश करने के दो मामले पहले भी सामने आए थे और इन दोनों मामलों में पुलिस में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। दोनों को निष्कासित भी कर दिया गया। इनमें जम्मू की अंकतालिका पेश की थी।
भेजा हैं पत्र
एमजी अस्पताल के पीएमओ डॉ एनएल चरपोटा का कहना है कि 29 विद्यार्थियों की अंकतालिका सत्यापन में गलत पाई गई है। आगे की कार्रवाई के लिए पत्र निदेशालय को भेजा गया है।