मामला सामने आने के बाद राकेश अस्थाना के खिलाफ सीबीआई ने मंगलवार (16 अक्टूबर) को केस दर्ज कराया।
नई दिल्ली। भारत सरकार की प्रमुख जांच एजेन्सी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई में घमासान चल रहा है। सीबीआई ने अपने नंबर दो अधिकारी राकेश अस्थाना को घूस के एक मामले में आरोपी नंबर एक बनाया है। दरअसल इस सप्ताह के शुरू में सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का नाम रिश्वत के मामले में सामने आया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला सामने आने के बाद उनके खिलाफ सीबीआई ने मंगलवार (16 अक्टूबर) को केस दर्ज कराया। एफआईआर में अस्थाना के अलावा देश की इंटेलिजेंस एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के स्पेशल डायरेक्टर समंत कुमार गोयल का नाम भी है। हालांकि वह मुख्य आरोपी नहीं हैं। इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में आरोपी मनोज प्रसाद (Middleman) और हैदराबाद के कारोबारी सन सतीश का बयान दर्ज कराया गया है। बता दें कि मनोज दुबई में रहता है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, धारा 164 के अंतर्गत सीबीआई ने मजिस्ट्रेट के समक्ष कुछ टेलीफोन इंटरसेप्ट्स, वॉट्सऐप मैसेज, मनी ट्रेल और स्टेटमेंट पेश किए हैं।
क्या है मामला?
एफआईआर के मुताबिक राकेश अस्थाना पर रिश्वत लेने का आरोप है। बताया जा रहा है कि राकेश अस्थाना ने मोइन कुरैशी का केस खारिज करने के एवज में रिश्वत ली हैं। बता दें कि गत वर्ष दिल्ली के मीट कारोबारी मोइन कुरैशी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 200 करोड़ रुपए के मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। सीबीआई पहले ही कह चुका है कि अस्थान के खिलाफ 6 मामलों में जांच चल रही है। मामल की शिकायत केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) से भी की गई थी। इससे पहले राकेश अस्थाना ने भी CVC और PMO को CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने मामले में हस्तक्षेप का आरोप लगाया था। खबर है कि CVC ने वर्मा के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।