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जबरन वसूली मामला: दाऊद इब्राहिम और इकबाल कास्कर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

1000 पेज वाले आरोपत्र मे कई ऐसे सबूत हैं जो आरोपियों के खिलाफ हैं।
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Updated: 30 Jun 2018, 6:27 PM IST
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जबरन वसूली मामला: दाऊद इब्राहिम और इकबाल कास्कर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

ठाणे। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके भाई इकबाल कास्कर के खिलाफ ठाणे पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। ये आरोप पत्र ठाणे पुलिस ने पिछले साल एक बिल्डर की शिकायत पर दायर किया गया है। बृहस्पतिवार को जिला अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।

1000 पन्नों का है आरोप पत्र

आरोप पत्र 1000 पन्नों का है। 1000 पेज वाले आरोपत्र मे कई ऐसे सबूत हैं जो आरोपियों के खिलाफ हैं। ठाणे पुलिस स्टेशन के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के एक वरिष्ठ इंस्पेक्टर ने ये जानकारी देते हुए बताया है कि आरोपपत्र के साथ सबूत के तौर पर जमीन के सारे कागज भी संलग्न हैं। चार्जशीट में गवाहों के बयान भी हैं।


क्या है मामला?

पिछले साल अक्टूबर में पुलिस ने दाऊद और उसके भाई इकबाल कास्कर के खिलाफ एक बिल्डर की तरफ से शिकायत दर्ज की थी। शिकायत में दाऊद इब्राहिम, इकबाल कास्कर और अनीस इब्राहिम पर जबरन वसूली का आरोप लगाया गया था। बिल्डर की शिकायत के मुताबिक, कास्कर ने डरा-धमकाकर बिल्डर से गोराई इलाके में 38 एकड़ की जमीन के सौदे में 3 करोड़ रुपए की रकम जबरन वसूली थी। जांच के दौरान, दाऊद औऱ कास्कर दोनों की आपराधिक भूमिका सामने आई थी जिसके बाद दोनों को इस मामले में अपराधी घोषित कर दिया गया था। इकबाल कास्कर और उसके दो सहयोगियों को पिछले साल सितंबर में ठाणे पुलिस ने जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।

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कौन है इकबाल कास्कर?
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम अंडरवर्ल्ड की दुनिया का एक बड़ा नाम है लेकिन छोटे भाई इकबाल कास्कर को बहुत कम लोग ही जानते हैं। इकबाल कासकर दाऊद का चौथे नंबर का भाई है। बता दें कि कास्कर समेत दाऊद के सात भाई और चार बहनें हैं इकबाल पर भी मकोका के तहत गंभीर आरोप लग चुके हैं । उसका रियल स्टेट का कारोबार है। 2003 से पहले इकबाल दुबई में रहता था लेकिन 2003 में भारत लौटने पर उसे हवाईअड्डे से ही गिरफ्तार कर लिया गया। इकबाल कास्कर पर मकोका के तहत आरोप लगाए गए। पुलिस ने इकबाल कास्कर पर आरोप लगाया कि वो दाऊद के लिए काम करता है और जमीन मालिकों को बेहद कम कीमत पर जमीन बेचने के लिए धमकाता है। 2007 के अदालाती आदेश में कहा गया कि कासकर के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है लिहाजा उसे बरी किया जाए। गौरतलब है कि 1998 में कत्ल के मुकदमे में भी कास्कर बच गया था।

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