
दबिश में पुलिस फोर्स की जरुरत पड़ी, 17 गिरफ्तार,17 मोबाइल जब्त
रतलाम। (जावरा) विश्व प्रसिद्ध हुसैन टैकरी शरीफ के समीप बसे गांव बामनखेड़ी में एक व्यक्ति के कुंए पर चल रहे बड़े जुऐं को पुलिस उजागर किया हैं। पुलिस ने इस मामले में करीब 17 लोगों को 93 हजार से अधिक का जुंआ खेलते रंगो हाथों पकड़ते हुए शुक्रवार को मामले का खुलासा किया।
सीएसपी आशुतोष बागरी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मुखबीर की सूचना मिल रही थी उस पर औद्योगिक थाना प्रभारी व हुसैन टेकरी चौकी प्रभारी को सूचना पर कार्रवाई हेतु लगाया। हुसैन टेकरी चौकी प्रभारी सीके सिंह परिहार ने सूचना को सही बताया। जुआरियों की संख्या अधिक होने से बंद मकान में जुआ खेलने से अतिरिक्त फोर्स और सर्च वारंट मांगना बताया जिन्हें अतिरिक्त फोर्स औद्योगिक थाना, एसआईटी, शहर थाना का उपलब्ध कराया। कुल 13 पुलिसकर्मियों ने ग्राम बामनखेड़ी स्थित समरथ के कुए पर दबिश दी। जिसमें कुल 17 जुआारियों जुआ खेलते पकड़ा। अपराधियों से कुल 93 हजार 370 रुपए व 52 ताश पत्ते जब्त किए तथा सभी अपराधियों से 17 मोबाइल मौके पर जब्त किए गए।
ये जुआरी पकड़ाए
सीएसपी ने बताया कि जुआ खेलते हुए नवाब खा निवासी सागरपेशा, जुल्फिकार खां निवासी बरफ खाना, मोहसीन निवासी बोहरा बाखल, सलीम खां निवासी बडे रोजे के पीछे हुसैन टेकरी, फिरोज खां निवासी हम्मालपुरा, रफिक खां निवासी बरफ खाना, अफसर निवासी तालनाका, नंदराम बैरागी निवासी भीमाखेड़ी, शाकिर निवासी मदारीपुरा, रसीद निवासी हम्मालपुरा, रूस्तम निवासी खटीक मोहल्ला, राजेश राजपुत निवासी जावरा रोड, शरीफ खान निवासी बडावदी जिला उज्जैन, मुस्ताक खां निवासी हुसैन टेकरी, अहमद अली खां, आरीफ निवासी हम्मालपुरा, उमर फारूक निवासी हम्माल पुरा जावरा को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में एसआईटी के प्रधान आरक्षक दिनेशसिंह भदौरिया व टीम की रही।
मंदिर के समीप से बाइक चोरी
आलोट। नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित जैन मंदिर के समीप से मोटरसाइकिल चोरी हो गई। फरियादी चंद्रशेखर अग्रवाल निवासी जगदेवगंज ने बताया उसका बेटा बाजार मोटरसाइकिल से गया था और गाड़ी जैन मंदिर के पास खड़ी कर पैदल निकल गया। वापस आकर देखा तो गाड़ी गायब थी। कुछ समय इंतजार करने के बाद भी गाडी का कोई पता नहीं चलने पर गाडी चोरी की घटना की रिपोर्ट थाने पर की। सनद रहे कि क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं बढऩे लगी हैं। समीप ही राजस्थान सीमा में कंजरों के डेरे हैं जो आए दिन मध्यप्रदेश में वारदात को अंजाम देकर अपने डेरों में चले जाते हैं । कंजरों का नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में भी आतंक है। पुलिस ने इनसे निपटने हेतु कई बार प्रयास किए लेकिन राजस्थान पुलिस से सहयोग नहीं मिल पाने से सफलता नहीं मिल पाई है।
Published on:
30 Jun 2018, 5:44 PM IST
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