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दैनिक भास्कर समूह की करोड़ों की सौदेबाजी का स्टिंग, ‘बंगाल में करना ही पड़ेगा, जो गुजरात में किया था’

दैनिक भास्कर समूह के प्रेसीडेंट बोले-‘हां-हां इनको साफ करना जरूरी है सर, पैसों के बदले खबरों की डील में भास्कर डॉट कॉम के भी इस्तेमाल की बात
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bhaskar sting
दैनिक भास्कर समूह की करोड़ों की सौदाबाजी का स्टिंग, ‘बंगाल में करना ही पड़ेगा, जो गुजरात में किया था’

नई दिल्ली (पत्रिका न्यूज नेटवर्क)। खोजी पत्रकारिता करने वाले कोबरापोस्ट ने दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह का जो स्टिंग दिल्ली हाईकोर्ट की अनुमति के बाद जारी किया है, उसके दृश्य और बयान आपको चिंता में डाल सकते हैं। अदालत ने भास्कर समूह की गुहार खारिज करते हुए कहा था कि जनता मीडिया से सही खबर और टिप्पणी की अपेक्षा करती है।

भास्कर FM के बिजनेस हेड ने कहा, दिग्गी राजा का तो बहुत माल है उसे निकाल लो
कोबरापोस्ट के अंडरकवर रिपोर्टर ने भास्कर समूह के शीर्ष प्रबंधन से हिंदुत्व को बढ़ावा, सत्ताधारियों के खिलाफ समाचार पर अंकुश, विपक्षी नेताओं के खिलाफ खबरें छापने की शर्त रखीं। दैनिक भास्कर अखबार, भास्कर डॉट कॉम और इसी समूह के रेडियो 94.3 माय एफएम में ऐसी सामग्री चलाने के एवज में करोड़ों रुपये नकद में देने का प्रस्ताव रखा। वीडियो में दिखता है कि भास्कर प्रबंधन ने इसे स्वीकार किया। पढि़ए गुप्त कैमरे से किये गये स्टिंग के कुछ खास अंश....

‘आधा देश का सत्यानाश इन्होंने ही कर रखा हैं’
कोबरापोस्ट का अंडर कवर रिपोर्टर दैनिक भास्कर के शीर्ष प्रबंधन के सामने हिंदुत्व की पैकेजिंग की बात रखता है।
हरीश एम भाटिया (प्रेसीडेंट, सेल्स एंड मार्केटिंग, दैनिक भास्कर समूह): हो जाएगा
अंडर कवर रिपोर्टर: क्योंकि आंध्रा में थे तो हैदराबाद में हम लोग अलग कोशिश में हैं..क्योंकि निजाम वगैरह की तरफ से वो सब उनके दिमाग दूसरी तरफ हैं..तो एक बार सफाई हो ही जाए
भाटिया: हां, हां..इनको तो साफ करना जरूरी है सर..
अंडर कवर रिपोर्टर - हां
भाटिया: मतलब जब तक साफ नहीं होंगे, देश का उद्धार ही तभी होगा..
अंडर कवर रिपोर्टर: जिस तरह से..

भाटिया: आधा देश का सत्यानाश इन्होंने ही कर रखा है
राहुल जे नामजोशी: (बिजनेस हेड, 94.3 माय एफएफ, भास्कर समूह): काफी देर बात हो रही थी..मतलब बंगाल में करना ही पड़ेगा कुछ, जो गुजरात में किया था 2001 में..
भाटिया: हां टफ है, मुझे उम्मीद नहीं थी बंगाल में, अभी मैं गया हूं जून में वहां, आफ्टर ममता हैज टेकनओवर...मतलब पहले गया था कि ये तो बेकार है...जून में कोलकाता की काया पलट गई। एक आम आदमी की तरह मतलब, मैं बोलूं तो यार एयरपोर्ट से मेरे घर पहुंचने में, मेरे इन-ल़ाज़ वहां रहते हैं...डेढ़-दो घंटे लगते थे...इन टाइम आई रीच्ड इन हार्डली 50 मिनट्स...आल द फ्लाईओवर्स...वो कलकत्ता शहर को उसने चमका दिया। जैसे चंद्रबाबू नायडू साहब ने किया था
(थोड़े संवाद के बाद)
अंडर कवर रिपोर्टर: हमारी हिंदुत्व पैकेजिंग अग्रवाल साहब अच्छी
हो वो..
भाटिया: देखिए कंटेंट तो आप जैसा बोलेंगे, वो प्लान कर सकते हैं
’सूटकेस हैं, पांच ‘सीआर’ तो हो जाएगा पर 10 एक बार में नहीं

(तीन वीडियो के इसी स्टिंग के कुछ अन्य संवाद...)
अंडरकवर रिपोर्टर: ठीक है, आप अंदर ही रहना क्योंकि आप प्योर फाइनेंस ही देखते हैं, तो कोई आपको न ही देखे तो ज्यादा ठीक है। गेट पे आके आपको कॉल मार देगा या मैं कॉल कर दूंगा कि गाड़ी पहुंच गई है बता देगा...मुझे आप गाड़ी अंदर ...
विजय गर्ग, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, दैनिक भास्कर समूह: गाड़ी... हम अंदर का इंतजाम कर देंगे..अंदर आ जाएगी गाड़ी,.. सूटकेस होंगे उसके पास
अंडरकवर रिपोर्टर: हां, सूटकेस हैं तो... अगर दो में डालता हूं मैं तो ढाई-ढाई तो आ जाएगा पांच ‘सीआर’ तो हो जाएगा, पर 10 एक बार में मत कराओ
गर्ग: नहीं... 10.. पांच-पांच कर लो
अंडरकवर रिपोर्टर: है ना.. और दूसरा जो लॉट लाना पड़ेगा वो जंगपुरा से आएगा हमारा कैश उधर ही रखा रहता है सारा...

Updated on:
01 Oct 2018 02:54 pm
Published on:
01 Oct 2018 02:04 pm