दो हफ्तों में जेएनयू की आंतरिक शिकायत समिति को आरोपी प्रोफेसर अतुल जौहरी के खिलाफ अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपनी पड़ेगी।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के बहुचर्चित कथित यौन दुर्व्यवहार मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दो हफ्तों का समय और दिया है। इस अवधि में जेएनयू की आंतरिक शिकायत समिति को आरोपी प्रोफेसर अतुल जौहरी के खिलाफ अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपनी पड़ेगी। उन पर विश्वविद्यालय की छात्राओं के साथ आपत्तिजनक हरकत करने का आरोप है। गौरतलब है कि इस मामले को लेकर दिल्ली में जमकर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद प्रोफेसर की गिरफ्तारी भी हुई थी।
...ये था मामला
दरअसल कुछ महीनों पहले जेएनयू की एक छात्रा ने प्रोफेसर जौहरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए बेहद संगीन इल्जाम लगाए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक छात्रा ने कहा था, 'प्रोफेसर जौहरी मेरे पर्यवेक्षक हैं। 2013 में जब मैंने अतुल जौहरी की लैब ज्वाइन की थी तो वो कुछ ज्यादा ही दोस्ताना तरीके से पेश आए। एक बार उन्होंने मुझसे पूछा था कि क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है और अगर है तो क्या उससे कोई शारिरीक संबंध है?' जौहरी के खिलाफ छात्राओं ने अश्लील बातें करने का भी आरोप लगाया था। छात्राओं ने जौहरी पर शारीरिक बनावट भद्दी टिप्पणी करने और काम की बजाए असहज करने वाली गैरजरूरी बातें करने का भी आरोप लगाया था।
जौहरी ने दी थी ये सफाई
इस मामले को पूरी तरह से मनगढ़ंत बताते हुए जौहरी ने कहा था कि वे राजनीति का शिकार हो गए हैं। खुद को बेकसूर बताते हुए जौहरी ने यह भी कहा था कि आरोप लगाने वाली छात्राओं की कक्षा में उपस्थिति कम है और इसी के चलते वे ऐसे आरोप लगा रही हैं।
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