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कार से उतरा, ‘बम’ रखा और चला गया! पुणे के अस्पताल में मिले IED मामले में बड़ा खुलासा

Pune Hospital Bomb: पुणे के हडपसर में उषाकिरण अस्पताल में बम मिलने से हड़कंप मच गया है। हालांकि बम निरोधक दस्ते ने उसे अस्पताल परिसर से दूर एक खुले मैदान में ले जाकर डिफ्यूज कर दिया है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 14, 2026

Pune Hospital IED bomb

पुणे के निजी अस्पताल में बम मिलने से दहशत (Photo: X/IANS)

पुणे के हडपसर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब कामधेनु एस्टेट स्थित उषाकिरण अस्पताल के परिसर में 7 घंटे के टाइमर से लैस जिंदा बम मिला। अस्पताल में बम मिलने के बाद इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) तुरंत मौके पर पहुंची। पूरे इलाके को घेरकर जांच की गई और फिर बम को एक खुले मैदान में ले जाकर निष्क्रिय कर दिया गया है। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस के हाथ अहम सुराग लगा है। जिसमें एक संदिग्ध अस्पताल परिसर में कार से आते और जाते दिख रहा है। जांच एजेंसियों को शक है कि उसी ने विस्फोटक को अस्पताल में रखा। फ़िलहाल उसकी तलाश की जा रही है।     

पुणे शहर के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि पुणे शहर पुलिस, स्थानीय पुलिस थाना, साथ ही क्राइम ब्रांच और महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की टीमें मिलकर मामले की जांच कर रही हैं। सभी संभावित पहलुओं से जांच चल रही हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह एक लो-ग्रेड एक्सप्लोसिव आइईडी था, जिसमें विस्फोटक सामग्री के साथ चालू टाइमर लगा हुआ था। जिसमें 7 घंटे का टाइमर लगा था।

पुणे पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा?

कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि बुधवार रात करीब 8 बजे पुलिस को अस्पताल परिसर में बम जैसा कोई उपकरण मिलने की सूचना मिली थी। जांच में पता चला कि यह एक कम तीव्रता वाला विस्फोटक आइईडी है। बम को खुले मैदान में सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

कौन रखकर गया बम? पुलिस के हाथ लगा अहम सुराग

एनसीपी विधायक चेतन विठ्ठल तुपे ने कहा, “अस्पताल के अंदर एक बम लगाया गया था, जिसे पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया है। फिलहाल घबराने जैसी कोई बात नहीं है। पूरे अस्पताल भवन और आसपास के परिसर की गहन जांच की गई है। अब किसी भी तरह का खतरा नहीं है। हालांकि, यह वास्तव में एक जिंदा विस्फोटक उपकरण था। अस्पताल के अंदर और आस-पास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाता, तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते थे। पुलिस और प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद पुलिस अपनी जानकारी साझा करेगी।”

उन्होंने आगे कहा, “फिलहाल बम रखने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है। हालांकि, कुछ लोग संदेह के घेरे में हैं। आरोप है कि बुधवार दोपहर या शाम के समय एक वाहन, जो किराये की कार लग रही थी, वहां आकर रुकी थी। एक व्यक्ति कार से बाहर निकला और बाद में वापस उसी में बैठ गया, जिसके बाद कार दूसरी तरफ से निकल गई। पुलिस को प्रत्यक्षदर्शियों ने अहम जानकारी दी है। पुलिस अभी इन दावों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की पड़ताल करेंगी, जिसमें आतंकी हमले की संभावना भी शामिल है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा।”

पुलिस कई एंगल से कर रही जांच

इस बीच, जांच एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही है कि बम वहां कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है।

पुलिस इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था या नहीं।

राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और बम के स्रोत तथा आरोपियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

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