दिल्ली में हुई बारिश ( Delhi rains ) के बाद तमाम स्थानों पर जलभराव की शिकायतें। कनाट प्लेस ( Connaught Place ) और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बीच मिंटो रोड ( Minto Road ) रेलवे ब्रिज के नीचे की घटना। हर साल बारिश में यहां पर हो जाता है जलभराव ( water logging ), नहीं निकला कोई हल।
नई दिल्ली। दिल्ली में रविवार को हुई भारी बारिश ( Delhi rains ) के कारण तमाम स्थानों पर जलभराव ( water logging ) की खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच कनॉट प्लेस ( Connaught Place ) से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाली मिंटो रोड ( Minto Road ) रेलवे ब्रिज के नीचे हुए जलभराव के चलते रविवार सुबह करीब 56 वर्षीय एक टेंपो चालक की मौत हो गई। वहीं, एक मिंटो ब्रिज के नीच जलभराव में फंसे बस चालक, कंडक्टर और एक ऑटो-रिक्शा चालक को फायर ब्रिगेड की टीम ने बचा लिया।
दिल्ली पुलिस ( Delhi police ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "रविवार सुबह कुंदन नाम का व्यक्ति कनॉट प्लेस से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की ओर टाटा ऐस चलाकर जा रहा था। रात भर हुई बारिश के चलते मिंटो ब्रिज के नीचे काफी जलभराव हो गया था। कुंदन ने अपने टेंपों को पानी के बीच से निकालने की कोशिश की, लेकिन वह डूब गया और उसकी मौत हो गई। उसके शरीर पर कोई बाहरी चोट के कोई निशान नहीं पाए गए हैं।"
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारी ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 174 के तहत पूछताछ की जा रही है। इस बीच, दिल्ली अग्निशमन सेवा ( delhi fire service ) के निदेशक अतुल गर्ग ने कहा कि दमकलकर्मियों ने मिंटो ब्रिज के नीचे हुए जलभराव में दिल्ली परिवहन निगम की बस के चालक और कंडक्टर को बचा लिया है। यह भी एक ऑटो के साथ मिंटो अंडरपास में गहरे पानी में फंस गए थे। ऑटो चालक को भी बचा लिया गया है।
टेंपो में ही सोता था कुंदन
टाटा ऐस टेंपों चालक कुंदन उत्तराखंड का निवासी था और मार्च में पैसे कमाने दिल्ली आया था। रोजाना रातवह अपने टेंपू रिक्शा में ही सोता था। उसके परिवार ने कहा कि यह कोई गांव का इलाका नहीं था, या मुफस्सल नहीं था। यह दिल्ली थी। यहां टेंपो उसकी कब्रगाह बन गया।
मार्च में लॉकडाउन लागू होने से पहले कुंदन उत्तराखंड से दिल्ली आया था। उसके परिवार के एक सदस्य ने कहा कि अब उसकी 21 व 12 वर्ष की बेटियां उसे कभी नहीं देख पाएंगी। पिथौड़ागढ़ निवासी कुंदन अपने रिश्तेदार का टेंपो चलाता था।
मृतक के रिश्तेदार प्रीतम सिंह ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि मिंटो ब्रिज अंडरपास में पानी भर हो गया। प्रशासन, सरकार कोई भी कदम उठाने में विफल रही है। नतीजा यह हुआ कि कुंदन मारा गया। अब उसकी दो बेटी को कौन देखेगा। जिसमें से एक की उम्र विवाह के लायक है।