
नई दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली ( North East Delhi ) में बड़े पैमाने पर हुए दंगे के मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन ( Tahir hussain ) और उसके भाई शाह आलम समेत 15 लोगों के खिलाफ कड़कडड़ूमा कोर्ट ( Kadkadduma court ) में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। दंगो की जाँच के लिए लिए बनी दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) की क्राइम ब्रांच की SIT ने 1 हज़ार से ज़्यादा पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी। कड़कडड़ूमा कोर्ट में क्राइम ब्रांच ने मामले में 75 गवाहों की भी जानकारी दी। क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में ताहिर हुसैन को ही दिल्ली में भड़के ( Delhi Violence ) दंगे का मास्टरमाइंड बताया गया है। पुलिस ने चार्जशीट में ताहिर के घर का इस्तेमाल दंगाइयों को शरण देने और दंगों में इस्तेमाल हथियार और आगजऩी के सामान रखने को लेकर भी ज़िक्र किया है।
चार्जशीट में दंगा फैलाने के लिए ताहिर के भाई शाह आलम को भी आरोपी बनाया गया है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक़ पूर्वी दिल्ली में हिंसा के समय ताहिर हुसैन अपने चांद बाग वाले घर पर मौजूद था। एसआइटी की जांच में यह भी बात सामने आयी है की दंगो से पहले ताहिर हुसैन ने सीएए और एनआरसी के प्रदर्शनकारियों के साथ गुप्त तरीक़े बैठक कर हिंसा की योजना बनाई थी।
चार्जशीट में जो सबूत पेश किए गए हैं उसके मुताबिक़ ताहिर ने दिल्ली दंगों को लेकर हिंसा भड़काने की साज़िश पहले ही कर ली थी। क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट में एक और बात का जिक्र किया है जो बेहद महत्वपूर्ण है। चार्जशीट के मुताबिक़ ताहिर के घर मैं कई जगह से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे लेकिन हैरानी की बात ये है की जब पुलिस ने कैमरे का रिकॉर्ड खंगाला तो उसमें दंगे से 15 दिन पहले से ही रिकॉर्डिंग बंद कर दी गई थी। जो रिकॉर्डिंग थी उसका भी डेटा मिटा दिया गया।
इसके अलावा क्राइम ब्रांच ने ताहिर हुसैन और उसके भाई द्वारा हथियारों की खऱीद फरोख्त को लेकर भी जिक्र किया गया है। ताहिर के भाई शाह आलम ने हथियार के एक व्यापारी से ही असलहा और कारतूस खऱीदे थे। लेकिन बड़े पैमाने पर खऱीदे गए कारतूस मै से सिर्फ़ 24 जिंदा कारतूस मिले हैं। बाक़ी का हिसाब न ताहिर दे पाया न उसका भाई बता पा रहा है। इसके अलावा ताहिर के घर से मिले पेट्रोल बम और पत्थर को लेकर भी तमाम अहम बातें चार्जशीट में लिखी गई हैं।