Umar Khalid पर North East Delhi में हुए दंगों की साजिश रचने व भड़काव भाषण देने का आरोप है। Delhi Police ने इस मामले में Umar Khalid के खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज किया था। जांच एजेंसी का दावा है कि उमर खालिद ने American President Donald Trump के भारत दौरे के दौरान लोगों से सड़कों पर आने की अपील की थी।
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून ( CAA ) के खिलाफ उत्तर पूर्वी दिल्ली ( North East Delhi ) में फरवरी, 2020 में हुए दिल्ली दंगों ( Delhi riots ) की कथित साजिश रचने के दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) ने फिर से अपनी जांच तेज कर दी है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ( JNU ) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद ( Umar Khalid ) से पूछताछ की है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में बताया कि विशेष प्रकोष्ठ ( Special cell ) ने शुक्रवार को दंगों के पीछे एक कथित साजिश के सिलसिले में उमर खालिद से पूछताछ की है। पुलिस ने उमर का मोबाइल फोन ( Mobile phone )भी जब्त कर लिया है।
इससे पहले उमर खालिद के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम ( UAPA ) के तहत मामला दर्ज किया गया था। दिल्ली पुलिस ने अपनी प्राथमिकी ( FIR ) में दावा किया है कि सांप्रदायिक दंगे पूर्व निर्धारित साजिश के तहत भड़काए गए थे, जिसे कथित तौर पर खालिद और दो अन्य लोगों ने मिलकर रचा था।
पुलिस का कहना है कि उमर खालिद ने कथित रूप से दो अलग-अलग स्थानों पर भड़काऊ भाषण ( Provocative Speech ) दिया था। लोगों से अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( American President Donald Trump ) के भारत दौरे ( India visit ) के दौरान सड़कों पर आने और सड़कों को अवरुद्ध करने की अपील की थी। ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों को पता चले कि देश में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा है।
बता दें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगे 23 फरवरी 2020 की रात से शुरू होकर 24 फरवरी तक चली थी। इस दंगे में उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में हत्या और बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था। इस हिंसक घटना में 53 से ज्यादा लोग मारे गए और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।