पूर्व मंत्री स्व. चौधरी रामप्रसाद की पौत्र वधू 30 वर्षीय सुलेखा उर्फ महक की अचानक मौत हो गई संदिग्ध परिस्थितियों में हुई महक की मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। मृतका के परिजनों ने लगाया दहेज उत्पीड़न और हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
नई दिल्ली। हरियाणा के यमुनानगर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां पूर्व मंत्री स्व. चौधरी रामप्रसाद की पौत्र वधू 30 वर्षीय सुलेखा उर्फ महक की अचानक मौत हो गई। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई महक की मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। वहीं, मृतका के परिजनों ने पूर्व मंत्री और उसके परिवार वालों पर दहेज उत्पीड़न और मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही मृतका के परिवारवालों ने महक की मौत के खबर के बाद सिविल अस्पताल में जमकर हंगामा किया। पुलिस ने ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार रिटायर्ड सैनिक निवासी बिंजल गांव जयप्रकाश के अपनी 30 वर्षीय पुत्री सुलेखा उर्फ महक की शादी 13 अप्रैल 2012 को महावीर कॉलोनी निवासी पूर्व मंत्री रामप्रसाद के पौत्र रविंकात के साथ की थी। रविकांत के पिता चौधरी प्रदीप पूर्व पार्षद हैं। महक जगाधरी के प्राइवेट हॉस्पिटल में बतौर लैब टेक्नीशियन काम करती थी। जबकि रविकांत एक प्राइवेट बैंक में फाइनेंस डिपार्टमेंट में कार्यरत है। शादी के बाद महक को एक बेटा व एक बेटी हुई।
घटना को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए रविकांत ने बताया कि महक शाम करीब साढ़े छह बजे घर लौटी थी। काम निपटाने के बाद रात को 11.30 के आसपास महक खाना खाकर सोने चली गई थी। इस बीच महक ने रात करीब दो बजे उससे पीने के लिए पानी मांगी, जिसे पीकर वह फिर से सो गई। रविकांत के अनुसार अगले दिन शनिवार को महक देर तक सोकर नहीं उठी तो उसको जगाने का प्रयास किया गया। लेकिन जैसे ही उन्होंने महक को उठाना चाहा तो उसका शरीर ठंडा था। तभी महक को नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।