क्राइम

एसआईटी ने सुलझाया गौरी लंकेश और कलबुर्गी के मौत का कनेक्शन

एसआईटी ने बताया कि कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा के पास जंगल में रेडिकल हिंदुत्व ग्रुप के सदस्यों के संरक्षण में हत्यारों को यह ट्रेनिंग दी गई थी
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Aug 02, 2018
gauri lankesh
गौरी लंकेश हत्याकांड: सामने आया गौरी लंकेश और कलबुर्गी के मौत का कनेक्शन

नई दिल्ली। पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड में आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। मामले पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक और बड़ा खुलासा किया है। एसआईटी ने कहा कि गौरी लंकेश के हत्यारों में से एक को गौरी लंकेश के सिर पर सीधे गोली मारने के लिए कहा गया था। इसके लिए एक को स्पेशल ट्रेनिंग भी दी गई थी।

एसआईटी ने आगे बताया कि कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा के पास जंगल में रेडिकल हिंदुत्व ग्रुप के सदस्यों के संरक्षण में हत्यारों को यह ट्रेनिंग दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि कन्नड़ विद्वान एम एम कलबुर्गी की तरह ही गौरी लंकेश की भी सीधे सिर पर गोली मारकर हत्या करनी है।

मीडिया रिपोर्टस की मानें तो गौरी लंकेश की हत्या में आरोपी शूटर परशुराम वाघमारे ने एसआईटी को बताया कि जिन्होंने उसे ट्रेनिंग दी थी उसमें से एक 30 अगस्त 2015 को एम एम कलबुर्गी की हत्या में भी शामिल था।

बता दें कि गौरी लंकेश हत्याकांड में फाॅरेंसिक रिपोर्ट भी अभी हाल ही में सामने आई थी जिसमें कई बड़े खुलासे हुए थे। यहीं नहीं एसआईटी की प्राथमिक चार्जशीट में भी ये बताया गया था कि कलबुर्गी और लंकेश की हत्या में एक देशी बंदूक का इस्तेमाल किया गया था।

अब आरोपी शूटर परशुराम वाघमारे के बयान के इस बात की पुष्टि होती है कि गौरी लंकेश और एम एम कलबुर्गी की हत्या में कोई कनेक्शन जरूर है। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

गौरतलब 55 वर्षीय फेमस पत्रकार और 'लंकेश पत्रिका' की संपादक गौरी लंकेश धर्मनिरपेक्ष देश में हिंदूवाद को बढ़ावा दिए जाने के खिलाफ लिखती रही थी। गौरी दूसरे कई अखबारों के लिए भी लिखती थीं। पिछले साल पांच सितंबर को गौरी लंकेश (55) की बेंगलुरू स्थित उनके घर पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार हत्यारों ने कुल सात गोलियां मारी थी, जिसमें दो गोली छाती पर और एक सिर पर मारी गई थी।

Published on:
02 Aug 2018 02:19 pm
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