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Pali: उलझता जा रहा अकाउंटेंट राघवेन्द्र की मौत का मामला, अब जले रिकॉर्ड और 51 लाख रुपए ट्रांसफर की जांच कर रही पुलिस

Rajasthan Crime: पाली में अकाउंटेंट राघवेन्द्र शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। स्कूल में जले रिकॉर्ड और 51 लाख रुपए के ट्रांसफर ने जांच को और गंभीर बना दिया है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
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पाली

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Akshita Deora

Jun 27, 2026

Pali Raghvendra Sharma Death

पाली के जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे मृतक राघवेन्द्र के परिजन और समाज के लोग (फोटो: पत्रिका)

Pali School Accountant Raghvendra Sharma Death Case: पाली शहर के प्राइवेट स्कूल में अकाउंटेंट 30 साल के राघवेन्द्र शर्मा के फंदे पर लटके मिलने के मामले में पुलिस शुक्रवार को भी किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। परिजनों से लंबी समझाइश के बाद वे पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। इसके बाद मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने घटनास्थल का दोबारा मौका मुआयना कराया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राघवेन्द्र के गले पर रस्सी के फंदे के स्पष्ट निशान मिले हैं, जिन्हें मौत का प्राथमिक कारण माना गया है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों और अन्य पहलुओं की पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

दोषियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन

घटना के दूसरे दिन भी परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर डटे रहे। उनका कहना है कि राघवेन्द्र की ओर से छोड़े गए कथित सुसाइड नोट में स्कूल की प्रिंसिपल और प्रबंधन समिति पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ऐसे में संबंधित लोगों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। इस संबंध में परिजनों और ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर प्रिंसिपल नीता सोनी सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्कूल ट्रस्ट का दावा : 51 लाख रुपए हुए ऑनलाइन ट्रांसफर

स्कूल ट्रस्ट के अध्यक्ष कुशलचंद डागा ने बताया कि स्कूल के बैंक खाते से करीब 51 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए हैं। उनके अनुसार बैंक लेनदेन के लिए अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के पास ओटीपी भेजा जाता है, लेकिन इस बार मोबाइल के बजाय ओटीपी स्कूल की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर प्राप्त करने का विकल्प चुना गया था।

पुलिस हर पहलू की जांच

शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। पुलिस आत्महत्या के कारणों के साथ-साथ स्कूल के रिकॉर्ड जलाने, बैंक खाते से धनराशि ट्रांसफर होने और अन्य सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
निशांत भारद्वाज, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पाली

अब भी अनसुलझे हैं कई सवाल

  • यदि राघवेन्द्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या की, तो घटनास्थल पर रस्सी या गर्दन की स्थिति सामान्य क्यों मिली?
  • आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां थीं, जिन्होंने उसे यह कदम उठाने पर मजबूर किया?
  • यदि उसने स्वयं फंदा लगाया, तो घटनास्थल के पास स्टूल, कुर्सी या कोई सहारा क्यों नहीं मिला?
  • स्कूल के रिकॉर्ड, डीवीआर और अन्य दस्तावेजों में आग किसने लगाई?
  • यदि स्कूल की राशि राघवेन्द्र के खाते में ट्रांसफर हुई, तो प्रबंधन को इसकी समय रहते जानकारी क्यों नहीं मिली?
  • आखिर उन रिकॉर्ड में ऐसा क्या था, जिन्हें जला दिया गया?

मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

घटना के दूसरे दिन भी राघवेन्द्र की मां पुष्पादेवी और पत्नी साक्षी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। साक्षी अपने दोनों मासूम बच्चों के साथ गुमसुम बैठी रही। दोपहर बाद जब पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो पूरे परिवार की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। परिजनों के विलाप से वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।