
राघवेंद्र की पत्नी-मां और बच्चे (पत्रिका फोटो)
Pali Raghavendra Sharma Death Case: पाली शहर के टैगोर नगर स्थित एडी डागा पब्लिक स्कूल परिसर में गुरुवार सुबह स्कूल अकाउंटेंट राघवेंद्र शर्मा (30) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके से एक 15-16 पेज का सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें मृतक ने स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना का पता तब चला जब राघवेंद्र की पत्नी साक्षी के फोन न उठाने पर वह स्कूल पहुंची। वहां कमरा अंदर से बंद था और धुआं उठ रहा था। सूचना पर पहुंची दमकल ने आग पर काबू पाया, जिसके बाद अंदर राघवेंद्र का शव लटका मिला।
वहीं, परिजनों ने इसे सोची-समझी साजिश के तहत हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शव बिना किसी टेबल या सहारे के 30 फीट की ऊंचाई पर था। परिजनों ने दोषियों की गिरफ्तारी होने तक पोस्टमॉर्टम कराने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में परिचित बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी के बाहर जमा हो गए। मृतक राघवेंद्र के परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जहां पाली निवासी मामा राकेश व नागौर जिले के खींवसर हाल जायल निवासी नीरज रीणवा ने हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
उन्होंने अतिरिक्त जिला कलेक्टर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया कि घटना स्थल पर शव लगभग 30 फीट ऊंचाई से लटका हुआ था, जिसके पास टेबल और अन्य सामान नहीं था। इससे साफ पता लग रहा है कि हत्या के बाद उसे रस्सी से लटका दिया गया। मृतक के जीजा विष्णु कुमार ने बताया कि डीडवाना-कुचामन जिले के नावां सिटी में गुरुवार और शुक्रवार को धार्मिक कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें राघवेंद्र अपने परिवार के साथ शामिल होने वाला था।
पहली बार रात में स्कूल में रुके हैं। मैंने जाने से भी मना किया था। राघवेंद्र रात करीब 7.30 घर से निकलते थे। इसके बाद वे 11.30 बजे घर आए और बोले कि स्कूल का गार्ड छुट्टी पर है। आज रात वह स्कूल में सोएंगे। उन्हें मना भी किया था। वे अजीब से डर में थे। सुबह करीब 6.30 बजे मोबाइल पर कॉल किया तो रिसीव नहीं हुआ। इस पर खुद स्कूटी से स्कूल पहुंची, गेट से देखा तो अंदर से धुआं निकल रहा था।
मां पुष्पादेवी शर्मा ने कहा कि राघवेंद्र कुछ दिनों से परेशान था। जब भी उससे पूछते तो बोलता कि बताऊंगा तो आप परेशान होंगे। इस लिए वह कभी स्कूल की बात घर पर नहीं करता था। मामले की निष्पक्ष जांच हो ओर दोषियों को सजा मिले। मुझे और मेरे परिवार को न्याय मिले।
Published on:
26 Jun 2026 08:35 am
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