25 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Pali: 4 बहनों का इकलौता भाई और 2 मासूमों का पिता स्कूल में फंदे से लटका मिला, घटना के वक्त रिकॉर्ड रूम में लगी थी आग

Pali School Accountant Suicide: पाली शहर के एक निजी स्कूल में गुरुवार सुबह रिकॉर्ड रूम में आग लगने और अकाउंटेंट राघवेंद्र शर्मा (34) का शव हॉल में फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। मौके से 20 पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप बताए जा रहे हैं।
4 min read
Google source verification

पाली

image

Arvind Rao

Jun 25, 2026

Pali School Accountant Suicide

मृतक राघवेंद्र शर्मा (पत्रिका फोटो)

Pali Private School Suicide Case: राजस्थान के पाली जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक निजी स्कूल में रहस्यमयी परिस्थितियों में आग लगने और स्कूल के बाबू (अकाउंटेंट) का शव फंदे पर लटके मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह दर्दनाक वाकया शहर के टैगोर नगर स्थित एक नामचीन स्कूल का है।

बता दें कि गुरुवार सुबह जब लोग स्कूल से धुआं उठता देख मौके पर पहुंचे, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि अंदर इतना बड़ा हादसा हो चुका है। आग बुझाने आई फायर ब्रिगेड की टीम को स्कूल के हॉल में रेलिंग से बाबू का शव लटकता हुआ मिला।
मृतक की पहचान टैगोर नगर निवासी राघवेंद्र शर्मा (34) पुत्र स्वर्गीय एसएन शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से करीब 20 पेज का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

धुआं उठते देख दौड़े लोग, रिकॉर्ड रूम में लगी थी आग

जानकारी के अनुसार, स्कूल परिसर से अचानक गहरा काला धुआं उठता देख आसपास के निवासियों ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और डिस्कॉम को दी। एहतियात के तौर पर बिजली विभाग ने इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी। सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं।

दमकलकर्मियों ने जब स्कूल के भीतर प्रवेश किया, तो देखा कि स्कूल के रिकॉर्ड रूम में भीषण आग लगी हुई थी। दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पा लिया, लेकिन तब तक रिकॉर्ड रूम में रखी जरूरी फाइलें, दस्तावेज और वहां लगा सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे।

हॉल में नजर आया खौफनाक मंजर

आग बुझाने के बाद जब दमकलकर्मी स्कूल के मुख्य हॉल की तरफ बढ़े, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। हॉल में बनी लोहे की रेलिंग से राघवेंद्र का शव फंदे पर झूल रहा था। दमकलकर्मियों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस को दी।

सूचना पाकर कोतवाली थाने के एएसआई जगदीश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस को तलाशी के दौरान मृतक के पास से 20 पेज का सुसाइड नोट मिला, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया।

स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुसाइड नोट में राघवेंद्र ने अपनी मौत के लिए स्कूल प्रशासन और कुछ स्टॉफ सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया है। नोट में मानसिक प्रताड़ना और भारी दबाव की बातें सामने आ रही हैं।

राघवेंद्र पिछले छह-सात साल से इसी स्कूल में काम कर रहा था। शुरुआत में उसने यहां बतौर शिक्षक जॉइन किया था, लेकिन बाद में स्कूल प्रबंधन ने उसे ऑफिस के काम और अकाउंट्स की जिम्मेदारी सौंप दी थी। बुधवार रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच राघवेंद्र दोबारा स्कूल आया था और स्टॉफ से कहा था कि कुछ जरूरी काम के सिलसिले में वह रात को स्कूल में ही रुकेगा।

पत्नी फोन करती रही, सुबह स्कूल पहुंची तो मची चीख-पुकार

गुरुवार सुबह जब राघवेंद्र के घर नहीं लौटने पर उसकी पत्नी ने उसे फोन किया, तो उसने कई बार बेल जाने के बाद भी कॉल रिसीव नहीं की। अनहोनी की आशंका में घबराई पत्नी सुबह खुद स्कूल पहुंच गई। वहां पहुंचते ही उसने स्कूल से धुआं निकलता देखा और शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग इकट्ठा हुए।

जैसे ही राघवेंद्र की मां और पत्नी को उसकी मौत की खबर मिली, दोनों चीख मारकर रो पड़ीं। मोर्चरी के बाहर मां और पत्नी एक-दूसरे से लिपटकर बिलखती रहीं, जिससे वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

चार बहनों का इकलौता भाई था राघवेंद्र

राघवेंद्र अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। वह चार बहनों में अकेला भाई था। साल 2019 में लंबी बीमारी के चलते उसके पिता (जो बैंक से रिटायर्ड थे) का निधन हो गया था, जिसके बाद पूरे घर की जिम्मेदारी राघवेंद्र के कंधों पर ही थी। राघवेंद्र अपने पीछे एक मासूम बेटी, एक बेटा और पत्नी को रोता-बिलखता छोड़ गया है। इस घटना के बाद से मृतक के परिजन, रिश्तेदार और आस-पड़ोस के लोग बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्र हो गए हैं और परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।

FSL टीम बुलाई गई, कई पहलुओं पर जांच जारी

घटना की संवेदनशीलता और रिकॉर्ड रूम में लगी आग को देखते हुए पुलिस ने मौके पर एफएसएल की टीम को बुलाया है। पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स कई कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं। क्या रिकॉर्ड रूम की आग और राघवेंद्र का सुसाइड आपस में जुड़े हैं? क्या साक्ष्य मिटाने के लिए डीवीआर और रिकॉर्ड को जानबूझकर आग के हवाले किया गया? और सुसाइड नोट में किन-किन लोगों के नाम हैं और राघवेंद्र पर क्या दबाव था?

फिलहाल, पुलिस का कहना है कि शव को बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। सुसाइड नोट की गहनता से जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व FSL जांच के बाद ही पूरे मामले का सच सामने आ पाएगा।