
Rajasthan Government Health Scheme (Patrika File Photo)
Rajasthan Government Health Scheme Updates: सीकर: राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में फर्जी बिलिंग और अन्य गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार अब पूरी तरह सख्त हो गई है। विभागीय ऑडिट में सामने आया है कि दावों (क्लेम) में दवा की ज्यादा एमआरपी दिखाई जा रही है। एक ही दवा के अलग-अलग क्लेम में कीमतों का अंतर है और कृत्रिम रूप से दाम बढ़ाए जा रहे हैं। इन अनियमितताओं को देखते हुए सरकार ने योजना के पैनल में शामिल फार्मेसियों और अस्पतालों पर शिकंजा कसते हुए नई गाइडलाइन जारी की है।
सरकार का मानना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने पर बिना वजह का आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसलिए नियमों को अब और भी कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
गाइडलाइन के मुताबिक, अब दवाओं के दावों की गहन जांच, ऑडिट और उनके बैच नंबर का सत्यापन किया जाएगा। अगर दवा की एमआरपी में कोई अंतर मिलता है, तो क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा। फार्मेसियों के लिए अब सभी खरीद बिल, जीएसटी चालान और स्टॉक रजिस्टर को सुरक्षित रखना जरूरी कर दिया गया है। बिलिंग हमेशा अनिवार्य छूट के साथ ही करनी होगी।
यदि कोई फार्मेसी नकली, बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए या बिना सत्यापन वाले दावे पेश करती है, तो उससे अतिरिक्त भुगतान की वसूली की जाएगी। साथ ही, उसे पैनल से बाहर भी किया जा सकता है।
आरजीएचएस की अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी निधि पटेल के अनुसार, योजना की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इस पूरी कवायद का सीधा फायदा पात्र लोगों और आम जनता को मिलेगा। राहत की बात यह है कि इस नई गाइडलाइन में मरीजों पर कोई सख्ती नहीं की गई है, बल्कि केवल अस्पतालों और फार्मेसियों पर शिकंजा कसा गया है।
इससे फायदा यह होगा कि जिन मरीजों के दस्तावेज सही हैं, उन्हें समय पर और बिना किसी परेशानी के क्लेम मिल सकेगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों आरजीएचएस योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था, जिसके बाद कुछ डॉक्टरों और लैब संचालकों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए गए थे। इसी को देखते हुए अब यह नई सख्ती लागू की गई है।
Published on:
25 Jun 2026 12:20 pm
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