क्राइम

गुजरात: घुड़सवारी के लिए नहीं बल्कि इस गंदी हरकत की वजह से मारा गया दलित युवक

पुलिस ने ये जानकारी भी दी कि उसे ऊपरी जाति के लोगों ने नहीं, ओबीसी के कोली समुदाय के बटाईदार ने मारा था।

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नई दिल्ली। गुजरात के भावनगर से बीते दिनों खबर आई थी कि वहां एक 21 वर्षीय दलित को घुड़सवारी करने के चलते मौत के घाट उतार दिया गया। लेकिन अब इस कहानी में नया मोड़ आता नजर आ रहा है। दरअसल भावनगर पुलिस ने रविवार को दावा किया कि दलित युवा प्रदीप राठौड़ के साथ घोड़े की सवारी करने के लिए नहीं बल्कि महिला से छेड़खानी के चलते मारपीट की गई थी, जिसमें उसकी मौत हो गई। पुलिस ने ये जानकारी भी दी कि उसे ऊपरी जाति के लोगों ने नहीं, ओबीसी के कोली समुदाय के बटाईदार ने मारा था।

आरोपी ने कबूला जुर्म
पुलिस ने आरोपी 28 वर्षीय मुन्ना थैलीशा के अहमदाबाद जिले में पेशी से पहले मीडियाकर्मियों को बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया है।

मृतक के पिता को पुलिस की दलील पर भरोसा नहीं
हालांकि प्रदीप के पिता को पुलिस के ये दावे बेबुनियाद लगे। उनका कहना है कि उन्हें पुलिस के दी गई दलील पर विश्वास नहीं है। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि ऊपरी जाति के आरोपियों को बचाने के लिए बटाईदार को बस बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

ये था मामला
आपको बता दें कि भावनगर जिले के तिम्बी गांव के निवासी प्रदीप को 29 मार्च की रात को उसके गांव के पास मृत पाया गया था। इस मामले में पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराते वक्त उसके पिता ने वहां के क्षत्रिय समुदाय से संबंधित नटुभा दरबार पर आरोप लगाया था। उनका कहना था कि इस समुदाय के लोगों ने उसके बेटे को घुड़सवारी करने पर चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि घोड़े का मालिकाना या सवारी करना केवल ऊपरी जातियों का 'विशेषाधिकार' है।

ऐसे हुई थी वारदात
रविवार को भावनगर एसपी प्रवीण मल ने एक मीडिया हाउस को बताया कि प्रदीप, आरोपी थालीशा की पत्नी को परेशान कर रहा था। पुलिस ने बताया कि इस पर उस महिला ने अपने पति से शिकायत किया और उसे सुझाव दिया कि वे पुलिस से संपर्क करें। हालांकि, उसके पति ने उसकी बात नहीं मानी थी।
पुलिस ने आगे बताया कि, 29 मार्च को, थालीशा ने प्रदीप घोड़े पर आते हुए देखा था। उसने उसे रोककर पूछा कि वह उसकी पत्नी को परेशान क्यों कर रहा था। जिसके बात दोनों में कहासुनी हो गई और दोनों में मारपीट हो गई।
एसपी ने कहा, 'पुलिस ने पहले आरोपी की बात पर भरोसा नहीं किया, लेकिन हत्या के समय उसके मोबाइल फोन की लोकेशन से उसके वहां होने की पुष्टि हुई।' एसपी ने कहा, हमारी जांच से पता चलता है कि घोड़े के मालिक होने या सवारी करने के लिए प्रदीप की हत्या नहीं हुई थी, बल्कि एक विवाहित महिला को परेशान करने के लिए उसकी हत्या की गई थी।

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Published on:
14 May 2018 08:27 am
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