
नई दिल्ली। पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। कर्नाटक पुलिस की विशेष जांच दल को इस बात के संकेत मिले हैं कि लंकेश हत्याकांड की जानकारी सनातन संस्था से संबद्ध हिंदू जाग्रुति समिति के एक वरिष्ठ पदाधिकारी को पहले से थी। संस्था के उक्त पदाधिकारी ने इस मामले के मुख्य आरोपी केटी नवीन कुमार को हिंदू चरमपंथी संगठन के संपर्क में रखने का काम किया था। नवीन कुमार को इस साजिश के पहले चरण में संस्था से जोड़ा गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेंगलूरु निवासी एचजेएस के समन्वयक मोहन गौड़ा ने ही नवीन को हिंदू चरमपंथी संगठन से जोड़ने का काम किया था।
पुलिस की नई थ्योरी
हिंदू चरमपंथी संगठन एचजेएस के बेंगलूरु समन्वयक मोहन गौड़ा का इस बारे में कहना है कि गौरी लंकेश हत्याकांड में यह पुलिस की यह एक नई थ्योरी है। दरअसल पुलिस इस थ्योरी के जरिए कई महीनों से साजिश रचने में जुटी है। ताकि हिंदूवादी संगठनों से जुड़ों लोगों को मोहरा बनाया जा सके। पुलिस को अभी तक सीधे तौर पर इसके कोई सबूत नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि हम इन मुद्दों पर बात करने के लिए एचजेएस की ओर से जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेंगे।
5 महीने बाद मिली थी पहली सफलता
आपको बता दें कि 5 सितंबर, 2017 को लंकेश पत्रिका की संपादक गौरी लंकेश की हत्या उनके घर के बाहर कर दी गई थी। वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी गौरी लंकेश के हत्याकांड मामले में एसआईटी को 5 महीने बाद पहली कामयाबी मिली थी। इस मामले में 37 वर्षीय व्यापारी केटी नवीन कुमार को विशेष जांच दल ने गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में केटी नवीन कुमार को पहला आरोपी बनाया गया। एसआईटी के चार्जशीट में उसी को मुख्य आरोपी भी बनाया है। वर्तमान में नवीन कुमार ही लंकेश की हत्या में मुख्य आरोपी है। जांच एजेंसी ने कोर्ट को जानकारी दी थी कि आरोपी नवीन कुमार को 18 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। अवैध हथियार रखने के मामले में नवीन कुमार के खिलाफ पहले से ही जांच चल रही थी। मुख्य आरोपी के खिलाफ एसआईटी को शक तब पैदा हुआ जब आरोपी व्यापारी के कुछ मित्रों ने स्वैच्छिक बयान दिए कि गौरी लंकेश की हत्या की साजिश में नवीन की भूमिका हो सकती है। कुमार से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इस मामले में सनातन संस्था के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के जुड़े होने की जानकारी भी एसआईटी को मुख्य आरोपी ने ही दी है।