
नई दिल्ली। मेघालय की राजधानी शिलांग में पुलिस और उपद्रवी भीड़ के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद बिगड़े हालात सही होने का नाम नहीं ले रहे हैं। घटना के एक दिन बाद शनिवार को सेना ने कुछ इलाकों में फ्लैग मार्च किया। वहीं, सुरक्षा बल तनावपूर्ण स्थिति से निपटने में लगे हुए हैं। पूर्वी खासी हिल्स जिले के उपायुक्त पीटर एस. दखार के अनुसार मौके पर सेना के जवान मौजूद हैं, अगर हालात बिगड़ते हैं तो जवानों की संख्या को बढ़ा दिया जाएगा। शहर में एहतियातन इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद हैं।
10 लोग गिरफ्तार
मिली खबर के अनुसार शिलांग जिला प्रशासन ने हिंसा भड़कने की आशंका के चलते शुक्रवार देर शाम रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू लगा दिया था। जिला प्रशासन के अनुसार रात में शहर के अन्य इलाकों से हिंसा की कोई घटना सामने नहीं आई। आपको बता दें कि यहां हालात उस समय बिगड़ गए थे जब थेम मेटोर इलाके में कुछ महिलाओं और एसपीटीएस बस के एक ड्राइवर के बीच झगड़ा हो गया था। जिसके बाद थेम मेटोर में बस ड्राइवर बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और टकराव की आशंका बढ़ गई, जिसके बाद एक्शन में आई पुलिस ने आसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया।
पुलिस कप्तान समेत कई पुलिसकर्मी भी घायल
इस झगड़े में 3 लोगों पर हमला हुआ था। इस दौरान हुए पथराव में पुलिस कप्तान समेत कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। वहीं, राज्य के सीएम कॉनराड के सगमा ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया है। मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने दोपहर में कानून और व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।