
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में आतंकियों के सरपरस्तों पर केंद्र सरकार लगातार शिकंजा जारी है, लेकिन पुलावमा आतंकी हमले के बाद इसमें और भी तेजी देखी जा रही है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NAI) ने घाटी के अलगाववादी नेताओं को पूछताछ के लिए तलब किया है। एजेंसी ने मीरवाइज उमर फारूक और कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के बेटे नसीम गिलानी को टेरर फंडिंग मामले की मौजूदा जांच के लिए बुलाया है।
NIA मुख्यालय में पूछताछ
एनआईए सूत्रों ने कहा कि अवामी एक्शन कमिटी के अध्यक्ष मीरवाइज फारूक और नसीम गिलानी से सोमवार को नई दिल्ली स्थित एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ की जाएगी। बताया गया है कि फारूक और गिलानी को आतंक-रोधी जांच एजेंसी ने गुरुवार को समन जारी किया था।
अलगाववादी नेताओं के ठिकानों पर लगातार छापेमारी
एनआईए ने इससे कुछ दिन पहले जम्मू कश्मीर में कई अलगाववादी नेताओं के ठिकानों पर छापे मारे थे। फारूक और गिलानी के ठिकानों के अलावा, एनआईए ने शीर्ष अलगाववादी नेताओं -JKLF के अध्यक्ष यासीन मलिक, JKDFP के अध्यक्ष शब्बीर शाह, तहरीक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ खान, एपीएचसी के महासचिव मसरत आलम, जेकेएसएम के अध्यक्ष अकबर भट्ट के मकानों पर भी छापे मारे थे।