
सारंगपुरी में बेखौफ रेत माफिया (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Dhamtari Illegal Sand Mining: धमतरी जिले का सारंगपुरी का वह खौफनाक इलाका, जहां हाल ही में 10 नर कंकाल मिलने से पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी, आज एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कोई रहस्यमयी वारदात नहीं, बल्कि खनिज विभाग की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहा अवैध रेत का काला कारोबार है। जिस जगह नर कंकाल मिले थे, ठीक उससे 800 मीटर की दूरी पर रेत माफिया बेखौफ होकर अवैध डंपिंग का खेल खेल रहा है। रोज सुबह से रात तक इस डंपिंग यार्ड से 100 हाइवा और 200 से अधिक ट्रैक्टरों के जरिए 'पीला सोना' (रेत) चोरी कर खपाया जा रहा है।
हैरान करने वाली बात यह है कि कंकाल मिलने के बाद प्रशासन ने मुख्य साइट को तो सील कर दिया, लेकिन रसूखदार माफिया ने उससे मात्र 800 मीटर आगे नई डंपिंग साइट खड़ी कर दी। रेत की यह अवैध डकैती सिर्फ सारंगपुरी तक सीमित नहीं है। खरेंगा में भी दो अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह अवैध डंपिंग का जाल फैला हुआ है। खनिज विभाग रोजाना बड़ी कार्रवाइयों के दावे कर अपनी पीठ थपथपा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बारिश के इस सीजन में सारंगपुरी और खरेंगा की ये तस्वीरें उनके दावों की पोल खोलने के लिए काफी हैं। देखना होगा कि इस खुले चैलेंज के बाद जिम्मेदार नींद से जागते हैं या यह अवैध साम्राज्य फलता-फूलता रहेगा।
जब ग्रामीणों ने इस अवैध कारोबार का विरोध किया, तो रेत माफिया ने धौंस जमाते हुए साफ कहा कि "मुझे किसी परमिशन की जरूरत नहीं है। पहले भी ऐसे ही चलाता था। शिकायत से भी मेरा कुछ नहीं होगा।" यह बयान सीधे तौर पर खनिज विभाग की साख को खुली चुनौती है। पूर्व में उक्त मुंहचढ़ा रेत माफिया चाकूबाजी कांड में आरोपी रह चुका है। रुद्री महानदी तट के पास मुड़पार क्षेत्र में भी ट्रैक्टरों से रेत की चोरी कराता था। यहां भी गुर्गे रखकर रेत का अवैध कारोबार चलाता था।
महानदी से ज्यादातर गीली रेत निकाली जा रही है। हाइवा सहित अन्य वाहनों में इस गीली रेत का परिवहन डामर की सड़कों से भी हो रहा है। धमतरी जिले की कई डामर सड़कें पहले से ही खराब स्थिति में हैं। गीली रेत के परिवहन से बचा-खुचा डामर भी तेजी से उखड़ रहा है। नई डामर सड़कों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। हाल ही में बनी कई सड़कों पर गड्ढे उभरने लगे हैं।
जिले में खनिज विभाग द्वारा लगभग 57 डंपिंग यार्ड स्वीकृत किए गए हैं, जबकि इससे कई गुना ज्यादा अवैध डंपिंग यार्ड संचालित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा मगरलोड, कुरूद और धमतरी ब्लॉक में अवैध डंपिंग यार्ड चल रहे हैं। मगरलोड ब्लॉक के सरगी, दोनर, पाहंदा सहित आसपास 4 से 5 अवैध डंपिंग यार्ड संचालित हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पाहंदा, सरगी और दोनर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नदी से अवैध खनन कर रेत डंपिंग यार्ड में लाई जा रही है और रातभर उसकी चोरी कर परिवहन किया जा रहा है।
खनिज विभाग लगातार अवैध उत्खनन और परिवहन पर कार्रवाई कर रहा है। पिछले 90 दिनों में ही 200 से अधिक प्रकरण बनाकर 60 लाख रुपये का राजस्व वसूला गया है। हमारी कार्रवाई लगातार जारी है। सारंगपुरी से 800 मीटर दूर अवैध डंपिंग और अन्य स्थानों से शिकायत मिल रही है तो वहां भी कार्रवाई करेंगे। - हेमंत छेरपा, जिला खनिज अधिकारी
Updated on:
11 Jul 2026 12:02 pm
Published on:
11 Jul 2026 11:39 am
