
दमोह. रोजगार के साथ युवाओं के विकास के ठोस विजन को लेकर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनु मिश्रा कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं।
मनु मिश्रा कहते हैं कि उनके मन में एक पीढ़ा उठ रही है कि वे हर दिन दमोह जिले से सैकड़ों मजदूरों को पुटरियों में अपनी गृहस्थी और परिजनों के साथ जनरल डिब्बे में धक्के खाते हुए महानगरों में मजदूरी करने जाते हैं।
वह ऐसे मजदूरों को जिले में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की कार्ययोजना बनाए हुए हैं। इसके साथ युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के साथ छोटी-छोटी इकाईयों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराना है।
दमोह की विडंबना रही है कि यहां से युनिवर्सिटी छिनी, मेडिकल कॉलेज छिना यहां तक सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज भी पन्ना और रायसेन चला गया। दमोह में भी इस स्तर की शैक्षणिक व्यवस्था बहाल कराना उनका प्रमुख मुद्दा है। मनु मिश्रा कहते हैं कि जो वर्तमान में जुझारघाट परियोजना लोगों के सामने आई है, वह उनके द्वारा मंजूर कराई गई थी, इस योजना को कमलनाथ स्वीकृत किया था।
वह सिलसिलेवार बताते हैं कि 2011 में जब कमलनाथ केंद्रीय शहरी विकास मंत्री थे तब उन्होंने 89 करोड़ की जुझारघाट परियोजना स्वीकृत कराई थी, लेकिन यह काम मेरे नगर पालिका अध्यक्ष कार्यकाल में शुरू नहीं हो पाया था।
इस योजना को 7 साल तक लंबित रखा गया है, जिससे लोगों को अभी पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। लोगों को पेयजल उपलब्ध कराना उनका मुख्य मुद्दा है। कृषि से संबंधित रोजगार, खनिज संसाधनों का दोहन, ट्रांसपोर्टर नगर, महिलाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।